Bhabanipur Result: ममता का विधानसभा का सफर खत्म, जिस एक सीट से लड़ा चुनाव, वहां भी हारीं, BJP पर लगाए ये आरोप
Bhabanipur Election Result 2026: भवानीपुर विधानसभा सीट, जिसे ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था, वहां से इस बार चौंकाने वाला नतीजा सामने आया। 20 राउंड की गिनती के बाद भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,113 वोटों से हरा दिया। अधिकारी को कुल 73917 (+ 15105) वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी 58812 ( -15105) वोटों पर सिमट गईं। यह हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक सफर के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "सभी को बधाई। यह बंगाल की जनता की जीत है। यह मोदी जी की जीत है।"
इससे पहले 2021 में भी ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से हार चुकी थीं। ऐसे में भवानीपुर, जो उनका आखिरी मजबूत किला माना जा रहा था, वहां हार ने उनके विधानसभा करियर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य की कुल 294 सीटों में से भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीत चुकी हैं। जबकि टीएमसी 79 सीटों पर ही सिमट गई है। कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली है। फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है।

यहां देखिए ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी में कितने मिले वोट

हार के बाद ममता का बड़ा आरोप, कहा- मुझे लात मारा गया है
हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटों पर धांधली की और चुनाव आयोग ने उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। ममता ने कहा कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, उन्हें घेरा गया और यहां तक कि लात मारी गई। उन्होंने इस जीत को "गैर-कानूनी" और "अनैतिक" बताया और साफ कहा कि उनकी पार्टी वापसी करेगी।

'100 सीटें लूटी गईं'-ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि BJP ने 100 से ज्यादा सीटें "लूट" ली हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को "BJP का आयोग" बताते हुए पूरी प्रक्रिया को "अनैतिक" और "गैर-कानूनी" करार दिया। ममता ने दावा किया कि उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी और मनोज अग्रवाल से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक केंद्रीय बलों की तैनाती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका भी नियमों के खिलाफ रही।
क्या खत्म हुआ ममता का विधानसभा सफर?
भवानीपुर की हार ने ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 2021 में नंदीग्राम हारने के बाद यह दूसरी बड़ी हार है, जिसने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया है।
हालांकि, ममता ने साफ कहा है कि यह अंत नहीं है और वे "वापस आएंगे"। लेकिन मौजूदा हालात में यह हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक नैरेटिव के बदलने का संकेत मानी जा रही है।
बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे सिर्फ सीटों का खेल नहीं, बल्कि राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई भी हैं। एक तरफ भाजपा ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी इन नतीजों को चुनौती दे रही हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है, लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है कि बंगाल की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications