Ravi-Pushya Yogya 2025: आज है रवि पुष्य का योग, जानिए खरीदी का महामुहूर्त
Ravi-Pushya yogya 2025: भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, आभूषण आदि की खरीदी के लिए लोग अक्सर शुभ मुहूर्त का इंतजार करते हैं। नवरात्रि के दिनों में वैसे तो हर दिन खरीदी के लिए शुभ होते हैं लेकिन जब इसमें भी कोई विशिष्ट योग-संयोग बन जाए तो सोने पर सुहागा जैसी बात हो जाती है।
इस बार चैत्र नवरात्रि में अनेक शुभ योग-संयोग बने, इनमें से एक योग है रवि पुष्य का योग। 6 अप्रैल 2025 रविवार के दिन खरीदी का महामुहूर्त बन रहा है।

इस दिन पूरे दिन रात रवि पुष्य नक्षत्र मिलने वाला है। नवरात्रि है, इस दिन रामनवमी और इसी दिन रवि पुष्य नक्षत्र का आना अपने अाप में विशिष्ट श्रेष्ठ योग है। इस दिन आप अपनी मनपसंद वस्तुओं की खरीदी कर सकते हैं और नए कार्य व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं।
ये हैं खरीदी के महामुहूर्त (Ravi-Pushya yogya)
- चर : प्रात: 7:49 से 9:22
- लाभ : प्रात: 9:22 से 10:56
- अमृत : प्रात: 10:56 से दोप 12:29
- अभिजित : दोप 12:04 से 12:54
- शुभ : दोप 2:03 से 3:36
- शुभ : सायं 6:43 से रात्रि 8:09
- अमृत : रात्रि 8:09 से 9:36
- चर : रात्रि 9:36 से 11:02
क्या खरीदी करें (Ravi-Pushya yogya)
पुष्य नक्षत्र के दिन भूमि, मकान, फैक्ट्री, दुकान आदि खरीदना चाहिए। इस दिन नए कार्य प्रतिष्ठा प्रारंभ किए जा सकते हैं। शुभ मुहूर्त में कारोबार, व्यापार-व्यवसाय प्रारंभ करना अत्यंत शुभ होता है। रवि पुष्य के संयोग में नए काम प्रारंभ करने से वे सफल होते हैं और उनमें उत्तरोत्तर वृद्धि होती जाती है। पुष्य नक्षत्र में आभूषण खरीदने का भी बड़ा महत्व है।
स्वर्ण पूजा करना शुभ (Ravi-Pushya yogya)
पुष्य नक्षत्र में अपने घर में जो भी स्वर्णाभूषण हों उनका पूजन अवश्य करना चाहिए। इस दिन अाभूषणों को एक पीले कपड़े पर रखकर उनका हल्दी से पूजन करना चाहिए। इससे उनमें वृद्धि होती है। आपके पास धन आता है जिससे आप और अधिक आभूषण खरीदने की क्षमता प्राप्त कर लेते हैं।
पुष्य नक्षत्र कब से कब तक
- प्रारंभ 6 अप्रैल : सूर्योदय पूर्व प्रात: 5:32 से
- पूर्ण : 7 अप्रैल को प्रात: 6:25 तक
- 60 घटी से अधिक मान होने पर 6 अप्रैल को पूरे दिन और रात पुष्य नक्षत्र रहेगा।












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