Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ramadan 2026 SehrI Iftar Time Today: 5वां रोजा आज, दिल्ली-मुंबई समेत 12 शहरों में क्या है सहरी-इफ्तार का टाइम?

Ramadan 2026 SehrI Iftar Time Today: रमजान का आज 5वां रोजा है, Ramadan इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसे बरकतों और रहमतों का मंथ माना जाता है। यह समय आत्म-अनुशासन, इबादत और भाईचारे का संदेश देता है, ये केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है बल्कि यह अपनी बुरी आदतों को छोड़ने और नेक राह पर चलने का संदेश देता है।

माना जाता है कि इस्लाम की पवित्र पुस्तक 'कुरान शरीफ' इसी माह में आसमान से जमीन पर उतारी गई थी। इस महान उपकार के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मुसलमान इस पूरे महीने रोजे रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं।

Ramadan 2026

इस महीने में 'रोजा' रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, लोग सूर्योदय से पहले 'सहरी' करते हैं और उसके बाद नमाज अता करते हैं और इसके बाद सूरज डूबने तक ये कुछ भी खाते पीते नहीं हैं। शाम को इफ्तार में ही पानी ग्रहण करते हैं।

आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके शहर में आज सहरी और इफ्तार का समय क्या है?

Ramadan 2026 SehrI Time Today: शहरवार सहरी का समय

  • दिल्ली (एनसीआर) सुबह 5:34 (23 फरवरी)
  • मुंबई सुबह 5:50 (23 फरवरी)
  • कोलकाता 04:48 पूर्वाह्न (23 फरवरी)
  • बेंगलुरु 05:28 पूर्वाह्न (23 फरवरी)
  • हैदराबाद सुबह 5:26 (23 फरवरी)
  • चेन्नई सुबह 5:17 (23 फरवरी)
  • लखनऊ सुबह 5:19 (23 फरवरी)
  • कानपुर सुबह 5:21 (23 फरवरी)
  • रांची सुबह 5:00 (23 फरवरी)
  • अहमदाबाद सुबह 5:51 (23 फरवरी)
  • सूरत सुबह 5:50 (23 फरवरी)
  • पुणे सुबह 5:45 (23 फरवरी)
Ramadan 2026 SehrI Time Today

Ramadan 2026 Iftar Time Today: रमजान 2026 के लिए शहरवार इफ्तार का समय

  • दिल्ली (एनसीआर)-शाम 6:17
  • मुंबई -शाम 6:42
  • कोलकाता -शाम 5:37
  • बेंगलुरु- शाम 6:28
  • हैदराबाद-शाम 6:21
  • चेन्नई - शाम 6:17
  • लखनऊ- शाम 6:03
  • कानपुर -शाम 6:06
  • रांची -शाम 5:49
  • अहमदाबाद- शाम6:40
  • सूरत - शाम 6:40
  • पुणे - शाम 6:38
Ramadan 2026 iftar time

Sehri Significance: क्या है सहरी का महत्व?

सहरी वह भोजन है जो सूरज निकलने से पहले (फज्र की अज़ान से पहले) किया जाता है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार सहरी करना 'सुन्नत' है और इसमें बरकत होती है तो वहीं ये आपको पूरे दिन के रोजे के लिए शारीरिक शक्ति प्रदान करती है। दरअसल सुबह का भोजन आपके मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखता है, जिससे कमजोरी महसूस नहीं होती।

Roza ke Niyam: नियत, परहेज, इफ्तार

रोज़े के लिए मन में संकल्प (नियत) करना जरूरी है इसके बाद सुबह सादिक (भोर) से लेकर सूर्यास्त (मगरिब) तक कुछ भी खाने या पीने से बचना चाहिए। रोज में केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि झूठ बोलने, बुराई करने और क्रोध करने से भी बचना चाहिए। सूरज डूबने के बाद खजूर या पानी से रोज़ा खोलना सुन्नत माना जाता है और इफ्तार में शामिल होना चाहिए।

रोजा का मकसद इंसान के भीतर 'तकवा' पैदा करना

कुरान के अनुसार, रोजा रखने का मुख्य उद्देश्य इंसान के भीतर 'तकवा' पैदा करना है। इसका अर्थ है स्वयं पर नियंत्रण पाना और अल्लाह के प्रति जागरूक रहना। जब एक इंसान अपनी सबसे बुनियादी जरूरतों (भूख और प्यास) को ईश्वर की खुशी के लिए नियंत्रित करना सीख जाता है, तो उसके लिए अन्य बुराइयों (झूठ, चोरी, क्रोध) से बचना आसान हो जाता है।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+