Hanuman Jayanti 2025: शनि कर रहा है तंग तो हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर करें ये उपाय, जिंदगी हो जाएगी Cool!
Hanuman Jayanti 2025: शनि ने हाल ही में 29 मार्च को अपना राशि परिवर्तन करते हुए मीन राशि में प्रवेश किया है। शनि के इस राशि परिवर्तन से मेष राशि को साढ़ेसाती का पहला ढैया प्रारंभ हुआ है, मीन राशि को दूसरा और कुंभ राशि को अंतिम ढैया लगा है।
सिंह और धनु राशि को लघु कल्याणी ढैया लगा है। शनि की पीड़ा से मुक्ति दिलाने का काम करते हैं श्रीराम भक्त हनुमान। इस बार 12 अप्रैल 2025 को हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार है, यह संयोग शनि की पीड़ा से मुक्ति दिलाने में आपकी सहायता करेगा।

आपको इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय करने हैं। मैं यहां अनेक प्रकार के उपाय दे रहा हूं, उनमें से आपको जो उचित और सुविधाजनक लगे वह उपाय करें और शनि की पीड़ा से मुक्ति पाएं।
ये हैं शनि शांति के मुख्य उपाय (Hanuman Jayanti 2025)
शनि ग्रह की शांति के लिए हनुुमानजी की उपासना से श्रेष्ठ उपाय कोई दूसरा नहीं। हनुुमान जन्मोत्सव के दिन सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण का पाठ करें। श्री शनैश्चर स्तोत्र, शनैश्चर कवच, शनि अष्टोत्तर नामावली का पाठ करना श्रेष्ठ रहता है।
ऊं शं शनैश्चराय नम: का करें जाप
इस दिन रुद्राभिषेक करने से भी शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। हनुमान मंदिर में बैठकर ऊं शं शनैश्चराय नम: या ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 23 हजार जाप करना चाहिए। इससे शनि की पीड़ा शांत होती है।
तेज आवाज में करें स्तोत्र का पाठ (Hanuman Jayanti 2025)
शनि की पीड़ा से मुक्ति के लिए बजरंग बाण, हनुमान चालीसा आदि का पाठ तेज आवाज में करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के द्वारा उच्चारित शब्दों की ध्वनि का विस्तार जितनी भी परिधि में होता है उतने भाग में शनि से प्राप्त अनिष्ट रश्मियों में छेड़छाड़ होती है और शब्द प्रभाव से रश्मियों की दिशा बदल जाती है।
शनि की पाप रश्मियों से रहित हो जाता है
इस कारण पूरा परिवेश जहां तक हमारी ध्वनि पहुंचती है शनि की पाप रश्मियों से रहित हो जाता है। जिससे अनिष्ट फल दूर होने लगते हैं। यह कार्य सायंकाल सूर्यास्त के बाद करें तो अधिक फलदायी होता है।
अन्य उपाय (Hanuman Jayanti 2025)
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान मंदिर और पीपल के पेड़ के नीचे सूर्यास्त के बाद तिल या सरसों के तेल का दीपक लगाएं। दीपक में काले उड़द और लोहे की एक कील भी डाल दें। इससे शनि की पीड़ा शांत होगी।
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार है। इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल से चोला चढ़ाएं, इससे शनि की पीड़ा दूर होगी। साढ़ेसाती वालों को यह उपाय अवश्य करना चाहिए।
- जो जातक शनि से पीड़ित हैं। साढ़ेसाती ढैया चल रहा है वे एक साबुत नारियल हनुमान जयंती से एक रात्रि पूर्व अपने सिरहाने रखकर सोएं। हनुमान जयंती के दिन प्रात: उठकर सीधे इस नारियल को किसी चौराहे पर जाकर फोड़ आएं और उसे वहीं फेंक आएं। इससे शनि आपके पास से दूर चला जाएगा।
- शनिवार हनुमान जन्मोत्सव के दिन घर में हनुमान यंत्र की स्थापना करें और इसका पूजन कर प्राण प्रतिष्ठा करें। इससे शनि की पीड़ा सहित अनेक संकट दूर होंगे।
- शनिवार के दिन हनुमान जन्मोत्सव आने से हनुमान जी दर्शन, पूजन करने से नवग्रहों की शांति होगी। राहु, केतु जनित पीड़ाएं भी दूर होंगी।
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन सायंकाल एक मिट्टी के दीपक में चार बत्तियां लगाकर इसमें सरसों का तेल भरकर इसे चौराहे पर जाकर जलाकर आएं। वापस आते समय पीछे मुड़कर न देखें। शनि की पीड़ा चौराहे पर ही छूट जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications