दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन, अमित शाह से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अहम मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में तेज़ी से हो रहे सुधारों की रूपरेखा बताई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मोबाइल और ग्राम स्वास्थ्य टीमों, नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, और डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल पर ज़ोर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग और सरकारी योजनाओं सहित आवश्यक सेवाएं सीधे पहुंचाना है, जिसमें केंद्र-राज्य सहयोग जारी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

बैठक में विशेष रूप से बस्तर में चल रहे ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गृह मंत्री को बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं।
उन्होंने बताया कि दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य टीमें पैदल पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मात्र एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उनके डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर उपचार और उच्च अस्पतालों में रेफर भी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पुराने सुरक्षा शिविर अब केवल सुरक्षा केंद्र नहीं रह गए हैं। इन्हें धीरे-धीरे "जन सुविधा केंद्र" के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाएं सुलभ हो रही हैं। ग्रामीणों को अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दराज तक भटकना नहीं पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से की गई थी। इस अभियान के तहत 36 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ‘बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर)’ अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है, जिससे अब बस्तर के लोगों को गंभीर इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं डायल-112 की नेक्स्ट जनरेशन सेवा का विस्तार और पुराने सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने की योजना को बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाने की घटना को इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बताया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की भी जानकारी दी। इसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर दौरा भी प्रस्तावित है।












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