Guru Purnima 2025: कौन हैं भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु? हर एक से जुड़ा है जीवन का रहस्य
Guru Purnima 2025: भगवान दत्तात्रेय ने जीवन के रहस्यों को जानने-समझने के लिए 24 गुरुओं से ज्ञान प्राप्त किया था। उन्होंने इन गुरुओं को प्रकृति और जीवन के विभिन्न रूपों से चुना। श्रीमद्भागवत पुराण के एकादश स्कंध के सातवें अध्याय में भगवान दत्तात्रेय से जुड़ी कथा वर्णित है, जिसमें दत्तात्रेय कहते हैं कि उन्होंने इन 24 चीजों/प्राणियों को गुरु मानकर उनसे शिक्षा प्राप्त की।

प्रत्येक का अपना महत्व है और प्रत्येक से जीवन के विभिन्न पहलुओं की शिक्षा मिलती है। गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर जानते हैं उन 24 गुरुओं के बारे में-
- पृथ्वी : पृथ्वी सहनशीलता और स्थिरता का गुण सिखाती है। इसलिए इसे गुरु के रूप में स्वीकार किया।
- वायु : वायु बिना भेदभाव के हर जगह प्रवाहित होती है। वायु यह सिखाती है कि हमें भी बिना किसी भेदभाव के सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।
- आकाश : आकाश हमें सिखाता है कि हमें हर परिस्थिति में एक समान रहना चाहिए। स्थिर चित्त रहना चाहिए।
- जल : यह अत्यंत पवित्रता और निर्मलता का प्रतीक है। हमें भी अपना हृदय जल की तरह निर्मल रखना चाहिए।
क्रोध और नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित करें (Guru Purnima 2025)
- अग्नि : अग्नि हमें शिक्षा देती है कि हमें अपने क्रोध और नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित करना चाहिए। वरना क्रोध की अग्नि में सबकुछ जलकर राख हो जाता है।
- सूर्य : यह सिखाता है कि हमें हमेशा प्रकाश और ज्ञान का प्रसार करना चाहिए। चाहे कुछ भी हो जाए आपके पास जो ज्ञान की ज्वाला है उससे शिक्षा का उजियारा फैलाते रहना चाहिए।
- चंद्रमा : यह सिखाता है कि हमें हर परिस्थिति में शांत और शीतल रहना चाहिए। चंद्रमा घटता-बढ़ता रहता है। यह सिखाता है कि जब आपका महत्व कम हो जाए तब भी शीतल और शांत रहें।
- समुद्र : समुद्र सिखाता है कि हमें अपने जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों से घबराना नहीं चाहिए और समुद्र की तरह विशाल हृदय रखना चाहिए।
- अजगर : यह सिखाता है कि हमें संतोषी होना चाहिए और अपनी आवश्यकताओं को सीमित रखना चाहिए।
- कपोत (कबूतर) : कबूतर हमें मोह-माया से दूर रहना सिखाता है। यह अनेक घोंसले बदलता रहता है। किसी एक जगह का मोह पालकर नहीं बैठता।
मोह माया से दूर रहना चाहिए (Guru Purnima 2025)
- पतंगा : पतंगा सिखाता है कि मोह से आत्मविनाश हो जाता है। इसलिए मोह माया से दूर रहना चाहिए। पतंगा दीपक की लौ से आकर्षित होकर जल जाता है।
- मछली : मछली हमें सिखाती है कि हमें स्वाद के लोभ से बचना चाहिए। मछली दाने के लालच में जाल में फंस जाती है।
- हिरण : हिरण सिखाता है कि हमें अपनी इंद्रियों को वश में रखना चाहिए। हिरण मोह में फंस जाता है।
- हाथी : यह सिखाता है कि हमें अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
- मधुमक्खी : सिखाती है कि हमें कड़ी मेहनत करनी चाहिए और अपने काम में कुशलता लानी चाहिए। तभी जीवन में रस आता है।
- शहद निकालने वाला : यह सिखाता है कि हमें दूसरों की मेहनत का फल नहीं चुराना चाहिए।
- कुम्हार : धैर्य और सूक्ष्म निरीक्षण - कुम्हार धीरे-धीरे गढ़ता है, समय देता है।
- गर्भवती स्त्री : कुमारी कन्या : एकाकी जीवन की महत्ता- गर्भवती स्त्री भीड़ में भी अपने बच्चे को लेकर सतर्क रहती है, जैसे साधक को भी अंतर्मुख रहना चाहिए।
- सर्प : सर्प हमेशा सतर्क और सावधान रहता है। हमें यही शिक्षा मिलती है कि सदैव चैतन्य रहें।
- बालक : बालक सदैव प्रसन्न और निर्दोष रहते हैं, हमें सदैव बालको की तरह व्यवहार करना चाहिए।
- पिंगला वैश्या : यह सिखाती है कि हमें धन-संपत्ति के पीछे नहीं भागना चाहिए। वरना हमारा नैतिक पतन हो जाता है।
हमें अपने काम में एकाग्रचित्त होना चाहिए (Guru Purnima 2025)
- बाण बनाने वाला : यह सिखाता है कि हमें अपने काम में एकाग्रचित्त होना चाहिए। बाण बनाने वाला अपने काम में इतना एकाग्रचित्त था कि उसे राजा के आने की खबर तक नहीं हुई।
- मकड़ी : मकड़ी हमें सिखाती है कि हमें अपनी रचना को खुद ही नष्ट करना चाहिए। मकड़ी जाल बनाती है और फिर उसे समेट लेती है, जैसे ब्रह्मा सृष्टि करते हैं और फिर लीन कर लेते हैं।
- भंवरा : यह सिखाता है कि हमें अपनी सोच को सकारात्मक रखना चाहिए। भंवरा कीट को बंद कर उसे अपने जैसा बना देता है, ध्यान से रूपांतरण होता है।












Click it and Unblock the Notifications