जिस CCTV को समझते हैं Safe, उससे जासूसी करवा रहे Pakistan-China, पकड़े गए जासूस ने उगला राज, गजब लगाई जुगाड़
Pakistani Spy: लगभग हर तीसरे मिडिल क्लास के घर में आज CCTV कैमरा लगा हुआ है। इसे पहली नजर में देखकर सुरक्षित महसूस होता है लेकिन एक भारत के एक पाकिस्तानी हेंडलर ने इसी CCTV को पाकिस्तानी आतंकियों के लिए एक जासूसी का टूल बना दिया और यही बात उसे महंगी पड़ गई।
क्या है मामला?
पंजाब के Pathankot जिले से शुक्रवार को एक बड़े जासूसी मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने बलजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान के हैंडलरों के लिए जासूसी करने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, बलजीत सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का काम कर रहा था। बलजीत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

हाईवे के पास लगाया गइंटरनेट वाला CCTV कैमरा
पुलिस के मुताबिक, बलजीत सिंह ने नेशनल हाईवे-44 के पास एक इंटरनेट-बेस्ड CCTV कैमरा लगाया था। यह कैमरा सेना और सुरक्षाबलों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि कैमरे की लाइव फुटेज कथित तौर पर सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence यानी ISI से जुड़ा हुआ है।
पुल के पास दुकान पर लगाया गया था कैमरा
जांच में पता चला कि बलजीत सिंह Chak Dhariwal गांव का रहने वाला है। उसने जनवरी महीने में पठानकोट-जम्मू हाईवे सेक्शन पर एक पुल के पास मौजूद दुकान में यह कैमरा लगाया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि उसे दुबई में बैठे एक अज्ञात व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। इसके बदले उसे 40,000 रुपये भी दिए गए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से CCTV कैमरा बरामद कर लिया है और उसके डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया ISI का बड़ा पैटर्न
पुलिस का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। जांच एजेंसियां इसे ISI की बड़ी जासूसी रणनीति का हिस्सा मान रही हैं, जिसमें भारतीय सैन्य ठिकानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले महीने भी पकड़े गए थे दो जासूसी मॉड्यूल
पिछले महीने Punjab Police ने ISI समर्थित दो अलग-अलग जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इन मामलों में चीन में बने सौर ऊर्जा से चलने वाले 4G CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया गया था। इन कैमरों की खास बात यह थी कि ये बिना बिजली के भी काम कर सकते थे और 4G नेटवर्क के जरिए लाइव वीडियो भेज सकते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन कैमरों से सैन्य ठिकानों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जा रही थी।
कपूरथला में भी मिला था संदिग्ध कैमरा
मई महीने में Kapurthala के मॉडल टाउन इलाके में भी ऐसा ही एक ISI-लिंक्ड निगरानी कैमरा मिला था। इस मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा अलर्ट हो गई थीं। जांच में सामने आया कि ये कैमरे खासतौर पर ऐसी जगहों पर लगाए जा रहे थे, जहां से सेना या सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सके।
पाकिस्तानी हैंडलर 'फौजी’ का नाम आया सामने
पुलिस के मुताबिक “फौजी” नाम के एक पाकिस्तानी हैंडलर ने मॉडल टाउन में दुकान किराए पर लेने के लिए 35,000 रुपये भेजे थे। इसी दुकान से कथित तौर पर Surveillance Activities चलाई जा रही थीं। पुलिस अब इस “फौजी” नाम के व्यक्ति की असली पहचान पता लगाने में जुटी हुई है।
ड्रग तस्करी से भी जुड़ा मिला मामला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संदीप सिंह ड्रग तस्करी में भी शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, उसने उसी पाकिस्तानी हैंडलर से ड्रोन के जरिए भेजी गई 1 किलोग्राम हेरोइन को सप्लाई करने के लिए 50,000 रुपये लिए थे। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब जासूसी और ड्रग तस्करी के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
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