Ganga Saptami 2023: आज जरूर करें मां गंगा की आरती, जानिए महत्व
Shri Ganga Aarti in Hindi: मां गंगा की कृपा से सिद्धि-बुद्धि,धन-बल और ज्ञान-विवेक की प्राप्ति होती है और इंसान को यश की प्राप्ति होती है।

Maa Ganga ji ki Aarti: आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, आज के दिनगंगा सप्तमी का महापर्व मनाया जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन गंगा नदी में जो भी सच्चे मन से डुबकी लगाता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसके सारे पापों का अंत होता है। शिव के जड़ों का आभूषण बनीं मां गंगे तो आदिकाल से पापियों का पाप धोते आई हैं। इनके जन्मोत्सव के दिन मां गंगा की विशेष आरती करने से इंसान को हर तरह से सुख की प्राप्ति होती है।
॥ श्री गंगा मैया आरती ॥
हर हर गंगे, जय माँ गंगे,
हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥
चंद्र सी जोत तुम्हारी,
जल निर्मल आता ।
शरण पडें जो तेरी,
सो नर तर जाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥
पुत्र सगर के तारे,
सब जग को ज्ञाता ।
कृपा दृष्टि तुम्हारी,
त्रिभुवन सुख दाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥
एक ही बार जो तेरी,
शारणागति आता ।
यम की त्रास मिटा कर,
परमगति पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥
आरती मात तुम्हारी,
जो जन नित्य गाता ।
दास वही सहज में,
मुक्त्ति को पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥
ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
मां गंगा का खास पूजन
गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की विशेष पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से पुण्य फल प्राप्त होता है। जो लोग गंगा नदी के आसपास रहते हैं वे तो गंगा स्नान कर लेंगे, किंतु जिनसे स्थान से गंगा दूर है वे गंगा नदी का पवित्र जल पानी में डालकर घर पर ही स्नान करें। हमारे शास्त्रों में गंगा नदीं को मां का दर्जा प्राप्त है। आपको यहां ये भी बता दें कि मां गंगे ने जिस दिन पहली बार पृथ्वी का स्पर्श किया उस दिन को गंगा दशहरा के नाम से जाना जाता है।












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