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Ganesha Visarjan 2020 : जानिए गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

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नई दिल्ली। पूरा देश इस वक्त गणेश उत्सव में डूबा हुआ है, हालांकि कोरोना महामारी के कारण इस बार भव्य तरीके से लोग गणेश उत्सव नहीं मना रहे हैं लेकिन फिर भी भक्तगण अपने-अपने घऱों में बप्पा की पूजा पूरी श्रद्दा के साथ कर रहे हैं, बता दें कि इस बार गणपति उत्सव का पर्व 22 अगस्त से शुरू होकर 1 सितंबर तक है , जिसका अर्थ ये हुआ कि 1 सितंबर को गणेश विसर्जन होगा।वैसे तो गणपति कहीं एक दिन, कहीं 3 दिन, कहीं 5, 7 दिन या कहीं पूरे 10 दिन तक विराजते हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ गणेश उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन ही खत्म होता है और इस बार अनंत चतुर्दशी 1 सितंबर को है।

ये है गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

ये है गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

  • प्रात:काल का मुहूर्त: सुबह 09:10 बजे से दोपहर 01:56 बजे तक
  • गणेश विसर्जन का दोपहर का मुहूर्त: दोपहर 15:32 बजे से सांय 17:07 बजे तक
  • गणेश विसर्जन का शाम का मुहूर्त: शाम 20:07 बजे से 21:32 बजे तक
  • गणेश विसर्जन का रात्रिकाल मुहूर्त: रात्रि 22:56 बजे से सुबह 03:10 बजे तक है

यह पढ़े: Anant Chaturdashi vrat 2020: अनंत सुख और संतान प्राप्ति के लिए करें अनंत चतुर्दशी व्रत

गणेश 'विसर्जन का मतलब

गणेश 'विसर्जन का मतलब

'विसर्जन' शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है कि 'पानी में विलीन होना', ये सम्मान सूचक प्रक्रिया है इसलिए घर में पूजा के लिए प्रयोग की गई मूर्तियों को विसर्जित करके उन्हें सम्मान दिया जाता है। गणेश 'विसर्जन ये सिखाता है कि मिट्टी से जन्मे शरीर को मिट्टी में ही मिलना है, गणेश भगवान की प्रतिमा मिट्टी से बनती है और पूजा के बाद वो मिट्टी में मिल जाती है।

 अगले जन्म के लिए इस जन्म को छोड़ना होगा...

अगले जन्म के लिए इस जन्म को छोड़ना होगा...

विसर्जन ये सिखाता है कि इंसान को अगला जन्म पाने के लिए इस जन्म का त्याग करना पड़ेगा। गणेश जी की मूर्ति बनती है, उसकी पूजा होती है लेकिन फिर उन्हें अगले साल आने के लिए इस साल विसर्जित होना पड़ता है। जीवन भी यही है, अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कीजिए और समय समाप्त होने पर अगले जन्म के लिए इस जन्म को छोड़ दीजिए।

अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी का व्रत किया जाता है। इस दिन अनंत के रूप में हरि की पूजा होती है। पुरुष दाएं तथा स्त्रियां बाएं हाथ में अनंत धारण करती हैं। अनंत राखी के समान रूई या रेशम के कुंकू रंग में रंगे धागे होते हैं और उनमें चौदह गांठे होती हैं। इन्हीं धागों से अनंत का निर्माण होता है।

यह पढ़ें: Pitru Paksha 2020: जानिए श्राद्धपक्ष में क्या करना चाहिए, क्या नहीं?

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English summary
Anant Chaturdashi is the most significant day for Ganesha Visarjan. Here is auspicious Choghadiya Muhurat for Ganesha Visarjan on 1st September.
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