Ganesh Chaturthi 2025: इस आरती बिना अधूरी है बप्पा की पूजा, जानिए क्या हैं नियम?
Ganesh Chaturthi 2025 Aarti: गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे हर्ष के साथ बुधवार को पूरे देश में मनाया जा रहा है। बहुत सारे लोग आज घर पर बप्पा को लेकर आए हैं तो वहीं पंडालों में भी बहुत सुंदर ढंग से गणेश भगवान की प्रतिमाओं को सजाया गया है । चारों ओर 'गणपति बप्पा मोरिया' की धूम है, लोग बप्पा के जन्मदिन पर नाच गा रहे हैं और खुशियां बना रहे हैं।
माना जाता है कि जो भी भगवान गणेश की पूजा सच्चे मन से करता है उसकी विध्नहर्ता हर मुराद पूरी करते हैं और कोई भी कष्ट और परेशानी उसे छू भी नहीं पाती है।

आपको बता दें कि गणेश उत्सव दस दिनों तक चलता है, गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ ये उत्सव अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होता है। गणेश पूजा में गणेश आरती का खासा महत्व है इसलिए पूजा करने के बाद हर किसी को गणेश जी की आरती दिन में दो बार करनी चाहिए।
बप्पा दोनों हाथों से आशीष प्रदान करते हैं ((Ganesh Chaturthi 2025 Aarti)
जो कोई भी ऐसा करता है उसे बप्पा दोनों हाथों से आशीष प्रदान करते हैं। आरती के माध्यम से भक्त अपने भाव, भक्ति और कृतज्ञता भगवान गणेश के समक्ष प्रकट करते हैं। दीप और धूप से की गई आरती से वातावरण पवित्र हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
गणेश उत्सव पर जरूर करें ये आरती (Ganesh Chaturthi 2025 Aarti)
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत,
- चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे,
- मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े,
- और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे,
- संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत,
- कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत,
- निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए,
- सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो,
- शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो,
- जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश,
- जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती,
- पिता महादेवा ॥

गणेश चतुर्थी आरती के नियम (Ganesh Chaturthi 2025 Aarti)
- गणेश जी की प्रतिमा या मूर्ति के सामने दीपक जलाकर धूप-बत्ती लगाएं।
- पान, सुपारी, मोदक, लड्डू, फूल और दूर्वा गणपति को अर्पित करें।
- परिवार सहित श्रद्धा भाव से गणेश जी की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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