Delhi LPG Price: लगातार बढ़ रहे कमर्शियल गैस के दाम, छोटे कारोबारियों की बढ़ी परेशानी, आज क्या हैं ताजा रेट
Delhi LPG Price: देशभर में महंगाई के बीच एक बार फिर कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। तेल कंपनियों ने 18 मई को 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम ₹993 की कर दी है।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹3,071.50 में मिलेगा। इससे पहले इसकी कीमत ₹2,078.50 थी। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर यानी 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Commercial LPG price Delhi May 2026: लगातार तीसरी बार बढ़े दाम
कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में पिछले तीन महीनों से लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- 1 मार्च को कीमतों में ₹114.50 की बढ़ोतरी हुई थी।
- 1 अप्रैल को सिलेंडर ₹195.50 महंगा हुआ।
- अब 1 मई से ₹993 की रिकॉर्ड बढ़ोतरी लागू कर दी गई।
इस तरह सिर्फ तीन बढ़ोतरी में कमर्शियल LPG सिलेंडर कुल ₹1,303 महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों से होटल, ढाबा, रेस्तरां, कैटरिंग और छोटे फूड बिजनेस चलाने वालों पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। जहां कमर्शियल गैस महंगी हुई है, वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं। दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर अभी भी ₹913 में मिल रहा है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी।
हर महीने अपडेट होते हैं LPG के दाम
देश की सरकारी तेल कंपनियां-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)-हर महीने की पहली तारीख को LPG और ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की नई कीमतें जारी करती हैं। इन कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और आयात लागत के आधार पर किया जाता है।
पश्चिम एशिया संकट का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक LPG की कीमतों में इस बड़ी बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बड़ी वजह है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध की वजह से वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया है। इससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं।
भारत की LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर
भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। वहीं युद्ध से पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का आधे से ज्यादा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आता था। इसके अलावा लगभग 30 प्रतिशत गैस सप्लाई और 85 से 90 प्रतिशत LPG आयात सऊदी अरब, UAE और अन्य खाड़ी देशों से होता था।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर भी संकट गहरा गया है। यह दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक संघर्ष के चलते इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत ने रूस समेत अन्य देशों से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर कुछ हद तक राहत पाने की कोशिश की है, लेकिन गैस और LPG की आपूर्ति अभी भी प्रभावित बनी हुई है।
होटल और रेस्तरां कारोबार पर बढ़ेगा दबाव
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्तरां, ढाबा, बेकरी और फूड इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। कारोबारियों का कहना है कि लगातार महंगी होती गैस से संचालन लागत बढ़ेगी और इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।














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