Chandrama: चंद्रमा को कैसे करें मजबूत? जानिए इसके बारे में विस्तार से
Chandrama ko kaise kare Majboot: चंद्रमा मनसो जात: अर्थात् चंद्रमा मन का प्रतिनिधि है। चंद्र की कलाओं के घटने-बढ़ने का असर मनुष्य के मन-मस्तिष्क पर होता है।
लोगों का मूड चेंज होना, व्यवहार में बार-बार बदलाव आना चंद्र के घटने-बढ़ने से होता है। जिस प्रकार पूर्णिमा और अमावस्या को समुद्र में ज्वार भाटा आता है उसी प्रकार चंद्र मनुष्य को भी प्रभावित करता है।

इसलिए चंद्र को कुंडली में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। चंद्र धन-संपत्ति, सुख, वैभव, लग्जरी लाइफ, रिश्तों में माता, शरीर में कफ, फेफड़ों के रोग, जल से जुड़े रोग, मन से जुड़े रोगों का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए चंद्र का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
चंद्र को मजबूत करने के यूं तो अनेक उपाय शास्त्रों में बताए गए हैं लेकिन एक विशेष और आसान उपाय हम आपको यहां बताने जा रहे हैं।
शास्त्रों में शंख से स्नान करने की विधि बताई गई है
चंद्र को मजबूत करने के लिए शास्त्रों में शंख से स्नान करने की विधि बताई गई है। इसके लिए आपको एक असली शंख लेना होगा। किसी भी सोमवार से इस प्रयोग को प्रारंभ करें। जब नहाने के लिए बाथरूम में जाएं तो शंख को भी अपने साथ ले जाएं। शंख में पानी भरें और ऊं ऐं क्लीं सोमाय नम: मंत्र का जाप करते हुए इसे अपने सिर पर डालें।
स्त्रियां रजस्वला होने की स्थिति में भी यह प्रयोग कर सकती हैं
27 बार शंख से जल आपको सिर पर डालना है। इसके बाद साधारण जल से जैसे स्नान करते हैं वैसे करें। यह प्रयोग 54 दिनों तक लगातार करना होगा। स्त्रियां रजस्वला होने की स्थिति में भी यह प्रयोग कर सकती हैं। इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार को साधक को सफेद वस्त्र पहनना हैं और मस्तक पर श्वेत चंदन का चंद्राकार तिलक करना है। मोगरे का इत्र लगाना है।
चंद्र के मजबूत होने से लाभ
- चंद्र से लग्जरी लाइफ प्राप्त होती है। जातक भौतिक जगत में उन्नति करता है।
- चंद्र ठीक है तो फेफड़े और मस्तिष्क संबंधी रोग नहीं होते हैं।
- चंद्र मजबूत है तो माता और माता के समान स्त्रियों से संबंध अच्छे रहते हैं।
- विदेश में पढ़ने का सपना चंद्र से पूरा हो सकता है।
- विदेश व्यापार करने वालों के लिए चंद्र मजबूत होना आवश्यक है।












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