शिव और सवार्थसिद्धि योग में आया भौम प्रदोष, विशिष्ट फलों की होगी प्राप्ति
Bhaum Pradosh Vrat 2023:आज का प्रदोष व्रत कुछ विशेष योग-संयोग में आया है। यह प्रदोष मंगलवार के दिन आने के कारण भौम प्रदोष का योग बना है, वहीं आज शिव योग और सर्वार्थसिद्धि योग भी पूरे दिन-रात रहने वाला है। इसलिए इस दिन की गई भगवान शिव की पूजा और प्रदोष का व्रत विशेष फलों की प्राप्ति करवाने वाला रहेगा।

आज त्रयोदशी तिथि रात्र 2 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। इस दिन सूर्योदय से लेकर रात्रि 1 बजकर 9 मिनट तक शिव योग रहेगा और सूर्योदय से रात्रि 11 बजे तक सर्वार्थसिद्धि योग भी रहने वाला है। मंगलवार के दिन प्रदोष आने से इसे भौम प्रदोष कहा जाता है और भौम प्रदोष में की गई शिवजी की पूजा भूमि, भवन, संपत्ति दिलाने वाली और कर्ज मुक्त करवाने वाली होती है।
कैसे करें प्रदोष व्रत की पूजा
प्रदोष व्रत की पूजा सायंकाल प्रदोष काल में की जाती है। सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र धारण करें। सूर्यदेव को तांबे के कलश में जल लेकर उसमें लाल पुष्प डालकर अर्घ्य दें। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान को साफ शुद्ध करके नित्य पूजा कर्म संपन्न करें। भगवान शिव के सामने दाहिने हाथ में जल अक्षत, सिक्का, पुष्प लेकर प्रदोष व्रत का संकल्प लें। संकल्प सकाम और निष्काम दोनों तरह का हो सकता है। इसके बाद दिनभर निराहार रहें। शाम को प्रदोषकाल में शिवजी का पूजन विधि विधान से संपन्न करें। भौम प्रदोष है तो इस दिन शिवजी को लाल पुष्प अवश्य अर्पित करें। लाल कमल का पुष्प अर्पित करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। बेलपत्र, धतूरा, आंकड़े के पुष्प अर्पित करें। नैवेद्य लगाएं, आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
भौम प्रदोष के लाभ
- जिन लोगों का कर्ज नहीं उतर रहा है, लाख प्रयास करने के बाद परेशानी बनी हुई है तो वे भौम प्रदोष का व्रत अवश्य करें, शीघ्र ही परेशानियों से छुटकार मिलेगा।
- कर्ज मुक्ति के लिए भौम प्रदोष के दिन शिवजी का अभिषेक केसर के दूध से करें। अष्टगंध का त्रिपुंड शिवजी को लगाएं।
- शिवलिंग पर इस दिन लाल मसूर की दाल अर्पित करने से कर्ज मुक्ति शीघ्र होने लगती है।
- भौम प्रदोष के दिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।












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