Bada Mangal 2026: क्यों खास है बड़ा मंगल? पंडित दयानंद ने बताई इसकी पौराणिक कथा

Bada Mangal 2026: 16 जून को ज्येष्ठ मास का 7वां बड़ा मंगल है, जेठ के महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, सेवा और आस्था का एक अनूठा प्रतीक भी है।

मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के इन विशेष मंगलवारों को की गई पूजा से हनुमान जी तुरंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से हर प्रकार के संकट हर लेते हैं। इस दौरान जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है।

Bada Mangal 2026

भीम और हनुमान के मिलन की पौराणिक कथा

काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक बड़ा मंगल का संबंध महाभारत काल से जुड़ा है। माना जाता है कि इसी ज्येष्ठ मास के मंगलवार को बलशाली भीम का अहंकार तोड़ने के लिए संकटमोचन ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था और रास्ते में अपनी पूंछ फैलाकर बैठ गए थे।

वृद्ध रूप के कारण पड़ा 'बुढ़वा मंगल' का नाम

महाबली भीम अपनी पूरी ताकत लगाने के बाद भी उस साधारण से दिखने वाले वृद्ध वानर की पूंछ को हिला तक नहीं पाए थे। जब भीम को अपनी भूल का आभास हुआ, तो उन्होंने क्षमा मांगी। तब हनुमान जी ने अपने वास्तविक रूप में आकर भीम को दर्शन दिए और जीत का आशीर्वाद दिया। वृद्ध रूप के कारण ही इसे 'बुढ़वा मंगल' कहा गया।

भगवान श्रीराम जेठ माह में ही प्रभु राम से मिले थे

इसके अलावा, त्रेतायुग से जुड़ी एक और मान्यता बेहद लोकप्रिय है। कहा जाता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही वनवास के दौरान भगवान श्रीराम की मुलाकात हनुमान जी से हुई थी। प्रभु श्री राम और उनके परम भक्त हनुमान का यह मिलन सृष्टि के कल्याण का माध्यम बना, इसलिए भक्त इस दिन को अत्यंत शुभ मानते हैं।

बड़ा मंगल का ज्योतिषीय महत्व और उपाय

ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से भी ज्येष्ठ मास का मंगलवार बेहद असरदार माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की उपासना करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है। इसके साथ ही जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उन्हें भी इस दिन पूजा करने से विशेष राहत मिलती है।

बड़ा मंगल पर करें बजरंगबली की पूजा, मंगल दोष होगा खत्म

कुंडली में राहु और केतु जैसे पापक ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भी बड़ा मंगल की पूजा सर्वोत्तम मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन जो श्रद्धालु श्रद्धापूर्वक बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करते हैं, उनके जीवन से अज्ञात भय, गंभीर बीमारियां, और मानसिक तनाव हमेशा के लिए दूर हो जाता है।

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जेठ के महीने में बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कब मनाया जाता है?
जेठ के महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है।
बड़ा मंगल पर हनुमान जी के मंदिरों में श्रद्धालु कब पहुंचते हैं?
इस अवसर पर संकटमोचन हनुमान जी के मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगने लगता है।
लखनऊ में बड़ा मंगल को सांप्रदायिक सौहार्द के रूप में कैसे देखा जाता है?
लखनऊ में यह त्योहार हिंदू और मुस्लिम समुदायों द्वारा मिलकर मनाया जाता है, और इसे सांप्रदायिक सौहार्द का प्रमुख उदाहरण माना जाता है।
बड़ा मंगल के दिन पूजा और पाठ में कौन-कौन सी चीजें बताई गई हैं?
सुबह स्नान के बाद लाल रंग के वस्त्र पहनकर सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने, लाल फूल व तुलसी दल के साथ भोग लगाने और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान बाहुक का पाठ करने का उल्लेख है।
ज्येष्ठ की गर्मी में बड़ा मंगल के दिन सेवा के लिए क्या किया जाता है?
प्यासे राहगीरों को ठंडा पानी, मीठा शरबत, तरबूज और मौसमी फल बांटना और जरूरत के अनुसार छाता, सूती वस्त्र व पंखे जैसी चीजों का दान करना पुण्य माना गया है।
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