Bada Mangal 2026: 'अन्न से लेकर शरबत तक', इन 5 चीजों का करें दान, बजरंगबली बरसाएंगे कृपा
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का 7वां बड़ा मंगल 16 जून को है, यह दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना, भक्ति और सेवा के लिए समर्पित है, विशेषकर उत्तर प्रदेश में बड़ा मंगल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक बड़ा मंगल के दिन किए गए दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है और भगवान हनुमान अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
दयानंद के मुताबिक सनातन परंपरा में दान को धर्म का महत्वपूर्ण अंग माना गया है,दान करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है, उसे जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। दान करने से न केवल आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं, बल्कि व्यक्ति के भीतर सेवा और करुणा की भावना भी विकसित होती है।

बड़ा मंगल के दिन क्या दान करना चाहिए?
- अन्न दान: धार्मिक ग्रंथों में अन्नदान को सबसे श्रेष्ठ दान बताया गया है। बड़ा मंगल पर गरीबों, जरूरतमंदों और साधु-संतों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी कारण इस दिन जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जाते हैं।
- जल और शरबत का दान: ज्येष्ठ माह में भीषण गर्मी पड़ती है। ऐसे में राहगीरों को ठंडा पानी, शरबत, बेल का रस या छाछ पिलाना पुण्यदायी माना जाता है। यह सेवा मानवता की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- वस्त्र दान: गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र दान करना भी शुभ माना जाता है। विशेष रूप से लाल या नारंगी रंग के वस्त्रों का दान भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
- गुड़ और चने का दान: हनुमान जी को गुड़ और चना अत्यंत प्रिय माना जाता है। इसलिए बड़ा मंगल पर गुड़, चना या इनके प्रसाद का वितरण करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
- धार्मिक पुस्तकों का दान: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या अन्य धार्मिक ग्रंथों का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे धर्म के प्रचार-प्रसार में सहयोग मिलता है और आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होता है।
दान करते समय न करें ये गलतियां
दयानंद शास्त्री ने कहा कि दान का पूर्ण फल तभी मिलता है जब वह निस्वार्थ और निष्काम भाव से किया जाए। दान की प्रक्रिया में जरा सा भी घमंड या दिखावा शामिल हो जाए, तो उसका पुण्य समाप्त हो जाता है। इसलिए किसी की मदद करते समय कभी भी अपने मन में अहंकारी विचार न लाएं।
योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति को दें दान
दान हमेशा योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति को ही दिया जाना चाहिए, जिसे वास्तव में उस वस्तु की आवश्यकता हो। किसी का उपहास उड़ाकर या मजबूरी का मजाक बनाकर दी गई चीज कभी दान की श्रेणी में नहीं आती। अपनी मेहनत की कमाई से और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार ही सहर्ष दान करना सर्वोत्तम फलदायी होता है।














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