कौन हैं 18 वर्षीय टेनिस प्लेयर अर्णव पापरकर? विंबलडन में रचा 36 साल बाद इतिहास, लिएंडर पेस के क्लब में शामिल
Who is Arnav Paparkar: विंबलडन टेनिस का एक ऐसा टूर्नामेंट है, जिसमें विदेशी प्लेयर्स का धमाका देखने को मिलता है और उनका ही दबदबा होता है। भारत की तरफ से इसमें प्लेयर्स को तूफानी प्रदर्शन करते हुए काफी कम ही देखा जाता है लेकिन इस बार एक 18 वर्ष के खिलाड़ी ने तहलका मचाया है।
जूनियर सर्किट से आने वाले अर्णव पापरकर ने इतिहास रचने का काम किया है। आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में पूरी दुनिया में 19वें स्थान पर आने वाले अर्णव ने जापान के खिलाड़ी को हराते हुए 36 साल के उस अकाल को खत्म कर दिया, जो लिएंडर पेस के बाद से चला आ रहा है। अर्णव ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।

इवेंट में किया बड़ा उलटफेर
अर्णव ने जापान के रयो ताबाता को सीधे सेटों में 6-2 और 6-1 से हरा दिया। इसके साथ ही उनको अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली। इससे पहले इवेंट का एक बड़ा उलटफेर करते हुए उन्होंने वर्ल्ड नंबर तीन यूएस के कीटन हैंस को हराते हुए धमाल मचाया था, उस मैच में भी उन्होंने 6-2 और 6-3 की स्कोरलाइन से जीत दर्ज की थी।
कौन हैं अर्णव पापरकर
पुणे से आने वाले अर्णव हेमंत बेंद्रे टेनिस एकेडमी में खेलते हैं, वह प्रसनजोत पॉल की कोचिंग में खेलते हैं, इसके अलावा वह स्पेन की एक टेनिस एकेडमी से भी ट्रेनिंग लेते हैं। उन्होंने विंबलडन में कुछ ऐसा किया है, जो 36 साल पहले लिएंडर पेस ने टाइटल जीतकर किया था। पेस की उम्र उस समय महज 17 साल ही थी।
भारत से बने हैं सिर्फ तीन टाइटल विनर
गौरतलब है कि भारत में पेस के बाद से अब तक जूनियर बॉयज विंबलडन का टाइटल किसी भी प्लेयर ने नहीं जीता है। इतिहास में सिर्फ तीन ही भारतीय ऐसा कर पाए हैं। उनमें पहला नाम रामनाथन कृष्णन हैं, जिन्होंने 1954 में यह कारनामा किया था। बाद में 1979 में रमेश कृष्णन और और 1990 में लिएंडर पेस ने इस टाइटल पर अपना कब्जा जमाया था।
इतिहास दोहराने का मौका अर्णव पापरकर के पास है, अगर वह टाइटल जीत लेते हैं, तो 21वीं सदी में ऐसा करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला यूएस के जॉर्डन ली से होना है।












Click it and Unblock the Notifications