Shiv Sena Janatechya Dari: 25 हजार लोगों तक पहुंचीं सरकारी सेवाएं, आखिर क्या है 'शिवसेना जनता के द्वार' अभियान
मुंबई में जून महीने के दौरान हर रविवार एक अलग तरह की राजनीतिक-सामाजिक पहल देखने को मिली। शिवसेना समर्थित और सिद्धेश कदम फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'शिवसेना जनतेच्या दारी' (शिवसेना जनता के द्वार) अभियान के तहत शहर के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में महाशिविर लगाए गए। आयोजकों का दावा है कि इस अभियान के जरिए 25 हजार से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और दस्तावेज संबंधी सेवाओं का सीधा लाभ मिला।
अभियान का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि लोगों को उन सरकारी सेवाओं तक पहुंचाना था, जिनके लिए आमतौर पर अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। चार लगातार रविवार आयोजित इस अभियान में स्वास्थ्य, राशन, पहचान और निवास संबंधी कई जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

क्या है 'शिवसेना जनता के द्वार' अभियान?
'शिवसेना जनतेच्या दारी' अभियान को इस सोच के साथ शुरू किया गया कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं और दस्तावेज संबंधी सेवाओं के लिए होने वाली परेशानियों को कम किया जाए। कई बार लोगों को अलग-अलग कार्यालयों में जाकर आवेदन करना पड़ता है, दस्तावेजों की जांच करानी होती है और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
इसी चुनौती को देखते हुए शिवसेना समर्थित और सिद्धेश कदम फाउंडेशन ने मुंबई के विभिन्न इलाकों में ऐसे महाशिविर लगाए, जहां नागरिकों को कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। यहां आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण तक की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
चार रविवार, आठ विधानसभा क्षेत्र... कैसे चला पूरा अभियान?
इस विशेष अभियान की शुरुआत जून के पहले सप्ताह से की गई और पूरे महीने हर रविवार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में महाशिविर आयोजित किए गए।
पहला चरण: 7 जून
अभियान की शुरुआत दिंडोशी और गोरेगांव विधानसभा क्षेत्रों से हुई। पहले ही दिन बड़ी संख्या में नागरिक शिविरों में पहुंचे और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन किए।
दूसरा चरण: 14 जून
दूसरे रविवार को यह अभियान अंधेरी पूर्व और जोगेश्वरी पूर्व विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचा। यहां भी लोगों ने दस्तावेज बनवाने और सुधार कराने के लिए शिविरों का लाभ उठाया।
तीसरा चरण: 21 जून
तीसरे सप्ताह वर्सोवा और अंधेरी पश्चिम में शिविर लगाए गए। आयोजकों के अनुसार यहां भी नागरिकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
चौथा चरण: 28 जून
अभियान का अंतिम चरण मालाड पश्चिम और कांदिवली पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया गया। इसके साथ जून महीने के चारों रविवार का यह विशेष जनसेवा अभियान पूरा हुआ।
किन-किन सेवाओं का मिला लाभ?
महाशिविरों में नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहीं...
- आयुष्मान भारत कार्ड के लिए पंजीकरण
- महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना से जुड़ी सेवाएं
- स्मार्ट राशन कार्ड संबंधी प्रक्रिया
- वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) कार्ड
- पैन कार्ड से जुड़े आवेदन
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड में पंजीकरण और सुधार
- डोमिसाइल (अधिवास) प्रमाण पत्र
आयोजकों के अनुसार सभी दस्तावेजों का सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी कराई गई, जिससे लोगों का समय और मेहनत दोनों बची।
किन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिली?
अभियान का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिला जिन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में कठिनाई होती है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे...
- वरिष्ठ नागरिक
- महिलाएं
- विद्यार्थी
- नौकरीपेशा लोग
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग
- पहली बार सरकारी दस्तावेज बनवाने वाले नागरिक
कई लोगों के लिए अलग-अलग विभागों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध होना बड़ी राहत साबित हुआ।
25 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ
आयोजकों का दावा है कि पूरे अभियान के दौरान 25 हजार से अधिक नागरिकों ने विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के लिए पंजीकरण कराया या आवश्यक दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया पूरी कराई।
अगर, यह आंकड़ा आधिकारिक रूप से सत्यापित होता है तो मुंबई में किसी राजनीतिक संगठन द्वारा जनसेवा आधारित शिविरों के बड़े अभियानों में इसे प्रमुख पहल माना जा सकता है।
सिद्धेश कदम ने क्या कहा?
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के अध्यक्ष और शिवसेना के सचिव एवं संपर्क नेता सिद्धेश कदम ने अभियान के दौरान सभी शिविरों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल उत्तर-पश्चिम लोकसभा या उत्तर मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आगे पूरे मुंबई में विस्तार देने की योजना है।
सिद्धेश कदम के अनुसार, उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
एकनाथ शिंदे की कार्यशैली से प्रेरित अभियान
अभियान के आयोजकों का कहना है कि यह पहल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की जनसेवा की सोच और कार्यशैली से प्रेरित है।
उनके अनुसार सरकार की योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित करना आवश्यक है, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक फायदा मिल सके।
छुट्टी के दिन भी मैदान में रहे शिवसैनिक
इस अभियान की एक खास बात यह रही कि सभी शिविर रविवार यानी अवकाश के दिन आयोजित किए गए। आयोजकों के मुताबिक छुट्टी के बावजूद शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारी, विभाग प्रमुख, शाखा प्रमुख, महिला आघाड़ी, युवासेना और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पूरे दिन शिविरों में मौजूद रहे।
- स्वयंसेवकों ने लोगों को आवेदन फॉर्म भरने में सहायता दी।
- आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी।
- आवेदन प्रक्रिया समझाई।
- दस्तावेज संलग्न कराने में मदद की।
- सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया।
आगे क्या है योजना?
सिद्धेश कदम के अनुसार अभियान को भविष्य में मुंबई के अन्य विधानसभा क्षेत्रों तक भी ले जाने की तैयारी है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले महीनों में शहर के और इलाकों में भी इसी तरह के महाशिविर आयोजित किए जा सकते हैं।
'शिवसेना जनता के द्वार' अभियान ने जून महीने के चार रविवार को मुंबई के आठ विधानसभा क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने की कोशिश की। आयोजकों का दावा है कि 25 हजार से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाया और एक ही स्थान पर आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, आधार सुधार, पैन कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्राप्त कीं। अगर, इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित होते हैं और सरकारी विभागों के साथ समन्वय बना रहता है, तो यह मॉडल आम नागरिकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक उपयोगी पहल साबित हो सकता है।













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