MP News: 10 हजार करोड़ से संवारे गए 3 लाख से ज्यादा जल स्रोत, सीएम डॉ. मोहन बोले- जल संरक्षण में मध्यप्रदेश नंबर-1
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जल गंगा अभियान 2026 की घोषणा की, जिसमें लगभग 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 3.62 लाख से अधिक जल स्रोतों की बहाली का विवरण दिया गया। राजगढ़ में, 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया, जिसमें सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, सिंचाई विस्तार, और किसानों व महिलाओं के लिए सहायता शामिल है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान-2026’ के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल स्रोतों का पुनरोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री राजगढ़ में आयोजित अभियान के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से 30 जून तक चले 100 दिवसीय अभियान के दौरान कुएं, बावड़ियां, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और जल संरक्षण भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 247.40 करोड़ रुपये के 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 17 कार्यों का लोकार्पण शामिल रहा। जीरापुर के सांदीपनि विद्यालय और 30 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ट्राय साइकिल और महिलाओं को स्कूटी की चाबी वितरित की। साथ ही राजगढ़ जिले के पर्यटन विकास पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। समारोह में 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि सहित अन्य हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए।
जल संरक्षण को बताया जीवन का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचतत्वों में जल का विशेष महत्व है और सनातन संस्कृति में जल को जीवन का आधार माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे चलकर गंगा में मिलती हैं, इसी कारण इस अभियान को ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ नाम दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब वर्षा जल संचयन, नालों की सफाई और नदियों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दे रही है। अल नीनो के प्रभाव के चलते इस वर्ष कम बारिश की संभावना को देखते हुए अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे कार्य लगातार जारी रहेंगे।
किसानों और महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का भुगतान किया गया है और राज्य में सिंचित भूमि का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि बीते तीन वर्षों में राजगढ़ जिले में सिंचाई क्षेत्र 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर हो गया है, जिससे पलायन रुका है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और स्कूली बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस, किताबें और साइकिल वितरण का भी उल्लेख किया।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। भोपाल, राजगढ़, उज्जैन और मंदसौर को जोड़ने वाली नई सड़क परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
राजगढ़ के लिए कई नई घोषणाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने द्वारिका योजना के तहत सारंगपुर, पचोर और राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही भैंसवामाता लोक निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करने और पहले चरण के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने की भी घोषणा की।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में हुए कार्य भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी सबसे जरूरी है और हर व्यक्ति को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना चाहिए।












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