एम्स गोरखपुर में होगी लोगों की प्रतिरोधक क्षमता की जांच, तीसरी लहर से निपटने की योगी सरकार की तैयारी
गोरखपुर। कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर जिले के दो हजार लोगों की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) जांच करने के लिए दूसरे चरण का नमूना लेना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत शहरी क्षेत्र से की गई है। इसमें युवा, बुजुर्ग से लेकर महिलाएं और बच्चे भी शुमार हैं। इन लोगों के नमूने लेने के बाद एम्स ग्रामीण क्षेत्रों के दो हजार लोगों का भी नमूना लेगा।

जानकारी के मुताबिक जिले में डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट के मरीज मिल चुके हैं। केरल और महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस ने तबाही भी मचा रखी है। इन दोनों राज्यों में लगातार केस भी बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ इसे तीसरी लहर के नजरिये से देख रहे हैं। इसके तहत पहले चरण में शहरी क्षेत्र के दो हजार लोगों का नमूना लिया जा चुका है।
महिलाओं में कम मिली है एंटीबॉडी
लखनऊ के केजीएमयू की टीम के सीरो सर्वे में यह बात सामने आई है कि महिलाओं में एंटीबॉडी कम बन रही है। टीम ने 1400 पुरुषों और 600 महिलाओं के सैंपल लिए थे। इनमें 95 प्रतिशत पुरुषों में एंटीबॉडी मिली है जबकि महिलाओं में केवल 70 प्रतिशत ही एंटीबॉडी मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में तीसरी लहर में महिलाओं को संक्रमण का खतरा ज्यादा है। महिलाओं के साथ-साथ उनके बच्चों को भी खतरा ज्यादा रहेगा।
जिले में 80.6 फीसदी मिल चुके हैं संक्रमित
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में 108 बच्चों के नमूने लेकर जांच कर चुकी हैं। इनमें 87 बच्चों में एंटीबॉडी मिल चुकी है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में 80.6 फीसदी संक्रमित मिले चुके हैं। इन लोगों के नमूने डुमरी खास, शिवपुर समेत 25 गांवों से लिए थे। इनमें बच्चों की उम्र पांच से 18 वर्ष के बीच थी। इन बच्चों के खून में एंटीबॉडी की जांच एंटी रैपिड किट से की गई थी। यह किट डब्लूएचओ ने उपलब्ध कराई थी।












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