Salim Dola: दुबई से गायब होकर तुर्की में कैसे हमजा बनकर रह रहा था डोला? एक गलती से पकड़ा गया
59 साल का ड्रग माफिया मोहम्मद सलीम उर्फ सलीम डोला, जो 2020 में भारत से फरार होकर दुबई पहुंचा था, अब तुर्की में पकड़ा गया है। दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े डोला ने अपनी पहचान बदलकर 'हमजा' नाम से रह रहा था। इंटरपोल की मदद से उसे ट्रैक किया और तुर्की में उसकी गिरफ्तारी हुई।
Salim Dola: 59 साल के ड्रग माफिया और तस्कर मोहम्मद सलीम उर्फ सलीम डोला, जिसे 28 अप्रैल को भारत लाया गया है, लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क चलाने के आरोपों में फरार था। लेकिन सवाल ऐसे में ये उठता है कि 2020 में भारत से फरार हो कर दुबई पहुंचा डोला कैसे अचानक गायब हुआ और फिर कैसे वह अचानक तुर्की में पकड़ा गया?
कैसे भारत से भागा सलीम डोला?
इकबाल मिर्ची का सहयोगी कहा जाने वाला और दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़ा डोला कई सालों से भारतीय एजेंसियों के रडार पर था। वह 2018 के मुंबई फेंटेनाइल जब्ती मामले का मुख्य आरोपी है, जिसमें मेक्सिको भेजी जाने वाली ₹1,000 करोड़ की नशीली दवाएं शामिल थीं। लिहाजा भारत में डोला को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन 2020 में उसे जमानत मिली और इसी दौरान वह देश छोड़कर फरार हो गया।

कैसे हुआ हमजा नाम का खुलासा?
जब दुबई से वह गायब हुआ तो एजेंसियों ने उसके डिजिटल फुट प्रिंट्स तलाशे जिसमें तुर्की जाने की बात सामने आई, लेकिन तुर्की में तमाम कोशिशों के बाद सलीम डोला का कोई अता-पता नहीं चल सका। फिर एक दिन इस्तांबुल को जानकारी मिली कि कोई तुर्की में ड्रग की तस्कारी कर रहा है। जांच हुई तो एक नाम सामने आया हमजा। जिसके बाद 2024 में तुर्की पुलिस ने उसके घर का पता मालूम किया और पुलिस ने उसके घर पर रेड मारी जिसमें कुछ पैसे, एक बुल्गारिया का पासपोर्ट जिसमें उसका नाम हमजा लिखा हुआ था, बरामद किया। लेकिन बातचीत से वह शख्स भारतीय मालूम हुआ।
इंटरपोल से साझा हुई तस्वीर और खुला भेद
हमजा की तस्वीर जब भारतीय एजेंसियों से साझा हुई तो भारत की तरफ से जवाब गया कि यह हमजा नहीं बल्कि मोहम्मद सलीम डोला है जो भारत से ड्रग तस्करी के मामले में फरार चल रहा है। साथ ही भारतीय एजेंसियों ने इससे जुड़े दस्तावेज तुर्की की सरकार के साथ साझा किए और उसके प्रत्यर्पण की मांग की। डोला का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा और गंभीर बताया जाता है। उसका नाम अंडरवर्ल्ड नेटवर्क और दाऊद इब्राहिम से जुड़े लोगों के साथ जोड़ा गया है। बाद में वह भारत में कई ड्रग तस्करी मामलों में मुख्य आरोपी बना और फरार चल रहा था।
मुंबई में जन्मा, भोपाल में फैक्ट्री, यूरोप तक तस्करी
मुंबई में जन्मा सलीम डोला इकबाल मिर्ची की गैंग का हिस्सा बना और उसके साथ ही ड्रग तस्करी करने लगा। एनसीबी ने उसे पहली बार 2012 में गिरफ्तार किया था, जब उसके पास से 80 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। इसके बाद 2018 में उसकी दूसरी गिरफ्तारी हुई, जब 100 किलोग्राम फेंटानिल जब्त किया गया। फेंटानिल बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग माना जाता है और इसकी अंतरराष्ट्रीय तस्करी को लेकर कई देशों में सख्त कानून हैं। इस जब्ती के बाद डोला की संलिप्तता और गहरी मानी गई।
भोपाल में थी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री
अगर डोला के नेटवर्क को देखें तो वह क्राइम की दुनिया का बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है। क्योंकि वह ऑपरेट मुंबई से करता था और उसका नेटवर्क तीन महाद्वीपों तक फैला था जिसमें अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और यूरोप के कई देशों में वह जहरीले ड्रग्स भेजता था। लेकिन हैरानी की बात है इन ड्रग्स का बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हुजूर इलाके में थी। जहां से पूरा माल पहले मुंबई और फिर आगे सप्लाई होता था।
कौन-कौन से ड्रग किए सप्लाई?
सलीम डोला ने पर हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मैंड्रेक्स और मेथाम्फेटामाइन जैसे हाई-रिस्क और अवैध नशीले पदार्थ तस्करी कर मार्केट में बेचने के आरोप हैं। सलीम डोला के तार इस नेटवर्क के जरिए अडंरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम तक भी जाते हैं।
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