UP: तमंचा लेकर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा यात्री! दुबई की फ्लाइट पकड़ने से पहले CISF ने किया गिरफ्तार, क्या था मकसद?
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय (अमौसी) एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग से अवैध असलहा (तमंचा) बरामद हुआ। यह यात्री किसी आम सफर पर नहीं, बल्कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दुबई जाने की तैयारी में था। हाई-सिक्योरिटी जोन में 'तमंचा' मिलने की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस गंभीर मामले में पुलिस की जांच में अब तक क्या बड़े खुलासे हुए हैं?
जानकारी के मुताबिक, गोंडा जिले के मनकापुर (चांदपुर लखपत राय) का रहने वाला 22 वर्षीय महेश चौहान शुक्रवार तड़के एयरपोर्ट पहुंचा था। उसे सुबह 05:45 बजे एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-193) से दुबई के लिए उड़ान भरनी थी। आरोपी यात्री ने शुरुआती सुरक्षा घेरों को पार कर लिया, लेकिन जब वह अपना लगेज बैग चेक-इन काउंटर पर बुक कराने पहुंचा, तो उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।

लेवल-4 स्क्रीनिंग में दिखी संदिग्ध धातु
जब महेश का बैग 'लेवल-4' की एडवांस स्क्रीनिंग मशीन से गुजारा गया, तो मॉनिटर पर सुरक्षाकर्मियों को एक संदिग्ध धातु की आकृति दिखाई दी। शक होने पर सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने तुरंत महेश को रोका और अधिकारियों की मौजूदगी में बैग की मैन्युअल तलाशी ली। बैग खोलते ही वहां मौजूद स्टाफ दंग रह गया। तलाशी के दौरान कपड़ों के बीच छिपाकर रखा गया 312 बोर का एक अवैध तमंचा बरामद हुआ।

पुलिस पूछताछ में क्या पता चला? क्या था कोई मकसद?
घटना की सूचना मिलते ही सरोजनीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान महेश ने बताया कि वह रोजगार की तलाश में दुबई जा रहा था। हालांकि, जब बैग में तमंचे की मौजूदगी पर सवाल हुआ, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। आरोपी के बार-बार बयान बदलने से पुलिस का शक गहरा गया है।
बड़ी साजिश की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल लापरवाही का नहीं लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी हथियार तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है या किसी बड़ी साजिश के तहत इस असलहे को विदेश ले जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब आरोपी के कॉल डिटेल्स और गोंडा में उसके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
एयरपोर्ट के बाहर से लेकर टर्मिनल के अंदर तक सुरक्षा की इतनी परतों के बावजूद एक युवक अवैध हथियार के साथ चेक-इन काउंटर तक कैसे पहुंच गया? इसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना जा रहा है। फिलहाल, सरोजनीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हवाई अड्डे पर बैगेज स्क्रीनिंग के चार लेवल में क्या-क्या होता है?
- लेवल-1 (नॉर्मल स्कैन): ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे फोन का 'फेस अनलॉक'। बैग मशीन से निकला और बेसिक एक्स-रे ने फोटो खींच ली। अगर कुछ अजीब नहीं दिखा, तो बैग आगे बढ़ गया।
- लेवल-2 (एक्सपर्ट की नजर): यहां स्क्रीन पर एक बंदा बैठा होता है जिसकी नजर 'ईगल' जैसी होती है। उसे अगर बैग में कोई भी टेढ़ी-मेढ़ी चीज दिखी, तो वो उसे रोककर फोटो को ज़ूम करता है और फिल्टर लगाकर चेक करता है कि अंदर माजरा क्या है।
- लेवल-3 (360-डिग्री स्कैन): यहां बैग का 'सीटी स्कैन' होता है। जैसे गेम में हम कैरेक्टर को चारों तरफ घुमाकर देखते हैं, वैसे ही मशीन बैग के अंदर के एक-एक सामान को घुमाकर देख लेती है कि कहीं कपड़ों के नीचे कुछ छिपा तो नहीं है।
- लेवल-4 (अल्ट्रा HD चेकिंग): ये एयरपोर्ट का 'बॉस लेवल' है। यहां सबसे खतरनाक वाली मशीन होती है जो धातु (Metal) और बारूद का एक्सरे निकाल लेती है। अगर बैग में लोहे का छोटा सा टुकड़ा भी है, तो ये मशीन उसकी '3D फोटो' बनाकर स्क्रीन पर दिखा देती है।
अपराधी की कहां धरी की धरी रह जाती है चालाकी?
अपराधी को लगता है कि उसने बैग के अंदर कपड़ों या सामान के बीच तमंचा या कुछ और अवैध वस्तु 'सेट' कर दिया है तो कोई देख नहीं पाएगा। वो लेवल-1 और 2 को शायद चकमा दे दे, लेकिन लेवल-4 का स्कैनर किसी भी पैकिंग के आर-पार देख लेता है। जैसे ही तमंचे की वो खास बनावट (Shape) स्क्रीन पर चमकती है, अलार्म बज जाता है और बंदा सीधा पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है।














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