दिल्ली: कोरोना की तीसरी लहर को लेकर केजरीवाल सरकार ने शुरू की तैयारी, लोगों को मिलेगा हेल्थ कार्ड
नई दिल्ली, 2 जुलाई। कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव की आशंका के चलते जहां दिल्ली सरकार अपने हेल्थ सिस्टम को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। वहीं मरीजों की देखभाल संबंधी सभी सेवाओं को भी जल्द से जल्द एक सिस्टम के अंतर्गत लाने की कोशिश में भी जुटी हुई है। इसको लेकर सरकार स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करना चाहती है। इस सिस्टम के माध्यम से ई-हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे और एक्सेस के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

दिल्ली सरकार के मुताबिक स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली के साथ ही हेल्थ हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की जाएगी और हेल्थ कार्ड के लिए पूरी दिल्ली में नए सिरे से सर्वे प्रारंभ किया जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि हम दिल्ली में सबसे आधुनिक स्वास्थ्य सूचना प्रणाली बना रहे हैं। कोरोना के कारण प्रोजेक्ट को पूरा करने में कुछ देरी हो रही है। लेकिन हमें उम्मीद है कि यह मार्च 2022 तक शुरू हो जाएगा।
इस योजना के लागू होने से मरीजों को मिलेगा यह लाभ
मरीजों की देखभाल संबंधित सभी सेवाएं जैसे अस्पताल प्रशासन, बजट और योजना, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, बैक एंड सेवा और प्रक्रियाओं आदि को इस सिस्टम के अंदर लाया जाएगा। ई-हेल्थ कार्ड इस सिस्टम के माध्यम से जारी किए जाएंगे और एक्सेस के लिए ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। डोर टू डोर सत्यापन कर हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएंगे। यह पूरा सिस्टम डिजिटल और क्लाउड पर आधारित होगा।
क्लाउड आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली वाला पहला राज्य बनेगा दिल्ली
ई-हेल्थ कार्ड सिस्टम से दिल्ली के लोगों को एक छत के नीचे सभी जानकारी प्राप्त करने और आपातकालीन मामलों में मदद मिल सकेगी। एचआईएमएस लागू होने के बाद दिल्ली देश का एकमात्र राज्य बन जाएगा, जहां क्लाउड आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली होगी।
सीएम ने प्रोजेक्ट की समीक्षा को लेकर बुलाई हाई लेवल मीटिंग
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में एक हाई लेवल मीटिंग भी की गई है। मीटिंग में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की गई। इस दौरान दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अलावा संबंधित विभागों के अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का आश्वासन भी दिया है।
केंद्रीकृत स्वास्थ्य हेल्पलाइन के लिए होगा कॉल सेंटर
इस स्कीम को लागू करने के लिए दो स्तर पर केंद्रीकृत काॅल सेंटर स्थापित होगा। पहले स्तर में काॅल सेंटर (Call Center) ऑपरेटर लोगों के काॅल और मैसेज प्राप्त करेंगे। सीआरएम को लाॅग-इन कर केस का आंकलन करते हुए उसका समाधान कराएंगे और संबंधित उपलब्ध हेल्थ केयर स्टाफ को बताएंगे। ऑपरेटर काॅल करने वाले को संबंधित जानकारी देंगे और आखिर में उसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी।
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वहीं, दूसरे स्तर पर दिल्ली सरकार के डाॅक्टर और विशेषज्ञ काॅल व संदेश को प्राप्त करते हुए मरीज को मिलने का समय देंगे। यदि केस इमरजेंसी है, तो उनके काॅल को तत्काल स्वीकार करेंगे। मरीजों से बात कर उनकी समस्या का समाधान करेंगे। यदि जरूरत पड़ती है, तो वे संबंधित रोग के विशेषज्ञ डाॅक्टर से संपर्क करेंगे। इसके बाद मरीज को जानकारी देते हुए सीआरएम पर इसकी अपडेट देंगे।
ई-हेल्थ कार्ड को कुछ स्तर से किया जा सकेगा यूज
ई-हेल्थ कार्ड प्रोजेक्ट के तहत वोटर आईडी और जनसंख्या रजिस्ट्री के आधार पर दिल्ली के सभी निवासियों को क्यूआर कोड आधारित ई-हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। जिससे प्रत्येक मरीज की जनसांख्यिकीय और बुनियादी क्लीनिकल जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। सभी पात्रों को स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए ई-हेल्थ कार्ड के माध्यम से पूरे परिवार की मैपिंग की जाएगी।
निर्बाध सूचना आदान-प्रदान के लिए एचआईएमएस (HIMS) के साथ एकीकृत किया जाएगा। भौतिक सत्यापन के बाद प्रत्येक व्यक्ति को क्यूआर कोड के साथ कार्ड वितरित किए जाएंगे। साथ ही, लोगों के अनुरोध पर संशोधित या डुप्लिकेट कार्ड जारी करने के लिए प्रावधान भी किया जाएगा।












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