Hockey World Cup: 'हॉकी है दिल मेरा' तो क्या विश्वकप भी भारत का होगा?

आज सें ओडिशा में हॉकी विश्व कप शुरू हो रहा है। हॉकी में कभी सिरमौर रहा भारत चौथी बार हॉकी के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले भारत ने 1982, 2010 और 2018 के हॉकी विश्वकप की मेजबानी की थी।

Hockey World Cup 2023 India is hosting tournament of hockey for the fourth time

Hockey World Cup: 2023 हॉकी विश्वकप के सभी मुकाबले भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम और राउरकेला के बिरसा मुंडा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। आज से शुरू हो रहे इस हॉकी के कुंभ में 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 16 टीमों को 4-4 के चार ग्रुप में बांटा गया है। भारत को ग्रुप-4 में इंग्लैंड, वेल्स और स्पेन के साथ रखा गया है।

17 दिन तक चलने वाले हॉकी टूर्नामेंट में 44 मैच होंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 29 जनवरी को खेला जाएगा। 13 जनवरी को अर्जेंटीना-साउथ अफ्रीका के बीच दोपहर 1:00 बजे से मैच के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत होगी। 13 को ही शाम 7 बजे भारत का मैच स्पेन से होगा। 15 जनवरी को शाम 7 बजे से इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा और 19 जनवरी को शाम 7 बजे वेल्स से भारत का तीसरा मैच होगा। हॉकी विश्वकप के सभी मुकाबलें मुकाबले दोपहर 1:00 बजे, 3:00 बजे, 5:00 और शाम 7:00 बजे से शुरू होंगे। फाइनल तक सभी टीमों के बीच कुल 44 मैच होंगे।

हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत

हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत 52 साल पहले 1971 में हुई थी। तब इस टूर्नामेंट में 10 टीमों ने हिस्सा लिया था। 2023 के विश्वकप में क्वालीफाइ करने में असमर्थ रहे पाकिस्तान ने पहले विश्वकप के फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर पहले वर्ल्ड चैंपियन बनने का रुतबा हासिल किया था। पहले विश्वकप में भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला था। उसके बाद से 1975 तक हर 2 साल में इसका आयोजन होता था।

फिर 1981 तक 3 साल के अंतराल में वर्ल्ड कप आयोजित किया गया। इसके बाद 1986 से लगातार 4 साल के अंतराल में वर्ल्ड कप का आयोजन होता आ रहा है। 2022 में कोविड के चलते टूर्नामेंट को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस कारण हॉकी का विश्वकप अब जनवरी 2023 में आयोजित किया जा रहा है।

भारत प्रबल दावेदार

भारत हॉकी विश्वकप जीतने के प्रबल दावेदारों में शामिल है। अपने ही देश में आयोजन होने के कारण घरेलू दर्शकों का भरपूर समर्थन भारत की टीम के साथ होगा। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम भी विश्वकप जीतने के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इन दोनों टीमों के बीच 2021 में हुए टोक्यो ओलिंपिक का फाइनल मुकाबला खेला गया था जहां बेल्जियम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता था।

भारतीय हॉकी टीम ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल और जर्मनी को हराकर 41 साल बाद टोक्यो ओलिंपिक का ब्रॉन्ज मेडल जीता था। ओलिंपिक के बाद से टीम लगातार अच्छा परफॉर्म कर रही है। भारत का प्रदर्शन बता रहा है कि भारत विश्वकप जीतने के दमखम के साथ मैदान में उतर रहा है। 3 बार का चैंपियन नीदरलैंड पिछले 2 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था। इससे पहले टीम 2 बार पहले भी वर्ल्ड कप में रनर-अप रहा है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, भारत के साथ नीदरलैंड भी खिताब जीतने का मजबूत दावेदार है।

हॉकी विश्वकप का उद्घाटन समारोह बुधवार को कटक के बाराबती स्टेडियम में हुआ, जहां इंडियन क्लासिकल डांस के साथ सेरेमनी की शुरुआत हुई। कटक की महानदी के किनारे रेत से 105 फीट लंबी हॉकी बनाई गई हैं। इसमें करीब 5000 हॉकी गेंदों का इस्तेमाल किया गया। दुनिया की सबसे बड़ी रेत हॉकी का दर्जा प्राप्त इस हॉकी को बनाने में 2 दिन का समय लगा। म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम ने ओपनिंग सेरेमनी से 5 दिन पहले टूर्नामेंट का ऑफिशियल एंथम 'हॉकी है दिल मेरा' रिलीज किया था, जिसे बेहद पंसद किया जा रहा है।

नवीन पटनायक का योगदान

उड़ीसा हॉकी विश्वकप की लगातार दूसरी बार मेजबानी कर रहा है, उसका कारण है कि राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हॉकी को फिर से जिंदा करने और उसका खोया हुआ गौरव लौटाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई है। यह वही मुख्यमंत्री पटनायक है जिन्होंने क्रिेकेट के सामने दम तोड़ रहे इस खेल की तब मदद की जब सहारा ग्रुप ने हॉकी को सहारा देने से हाथ खींच लिया था।

सहारा ने जब 2018 में भारतीय हॉकी टीम को प्रायोजित करने से कदम खीचें तब नवीन पटनायक ही थे जिन्होंने कदम बढ़ाकर अगले 5 वर्षों के लिए पुरुष और महिला हॉकी टीमों को प्रायोजित करने के लिए हॉकी इंडिया के साथ 100 करोड़ रुपये का करार किया। 5 साल के प्रायोजन सौदे को देश के लिए ओडिशा का उपहार बताते हुए, पटनायक ने तब खेल को अपने राज्य के आदिवासी क्षेत्र में जीवन का एक तरीका बताया "जहां बच्चे हॉकी स्टिक के साथ चलना सीखते हैं"।

पिछले साल भारत में महामारी आने से ठीक पहले, पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स ओडिशा में आयोजित किए गए थे, जिसमें 176 विश्वविद्यालयों के 4,000 एथलीटों ने 10 दिनों की अवधि में 17 खेल आयोजनों के 211 स्पर्धाओं में भाग लिया था। ओडिशा के खेल मंत्री तुषारकांति बेहरा का कहना है कि "नवीन पटनायक के विजन की बदौलत ओडिशा भारत की खेल राजधानी है। सिर्फ हॉकी ही नहीं, बल्कि हमारी सरकार रग्बी से लेकर फुटबॉल तक कई अन्य खेल विधाओं का संरक्षण कर रही है।"

कुछ लोगों का मानना है कि नवीन पटनायक का उदार समर्थन उस राजनेता के लिए विरासत बनाने का एक प्रयास हो सकता है जिसने लगातार 21 वर्षों तक ओडिशा पर शासन किया है। शायद "नवीन पटनायक खेल के माध्यम से एक विरासत छोड़ना चाहते हैं और एक राज्य के रूप में ओडिशा की उस छवि को मिटाना चाहते हैं, जो अपनी गरीबी या प्राकृतिक आपदाओं के लिए जाना जाता है।" संयोग से, वह ओडिशा के पहले सीएम है जिन्होंने हॉकी खिलाड़ी को राज्यसभा सांसद बनाया था।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस विश्वकप को सफल बनाने के लिए शानदार स्टेडियम का निर्माण किया है। ये स्टेडियम अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हॉकी के सबसे ज्यादा दर्शकों को बैठाने वाले स्टेडियम है। भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम और राउरकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में सारे मैच होगें।

पटनायक ने कहा कि यह भव्य स्टेडियम पूरे देश के लिए ओडिशा का उपहार है। विश्व कप के 44 में से 20 मैच राउरकेला के मैदान में होगे, जबकि फाइनल सहित शेष 24 मैच कलिंग स्टेडियम में खेले जाएंगे। प्रख्यात आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के नाम पर बने स्टेडियम कुल क्षमता 21 हजार दर्शकों की है और यह देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है।

हॉकी में स्वर्णिम इतिहास के बावजूद भारत इस टूर्नामेंट में अब तक विशेष कामयाबी हासिल नहीं कर सका है। ओलिंपिक में 8 बार गोल्ड मेडल जीतने वाला भारत सिर्फ 1975 में हॉकी का वर्ल्ड चैंपियन बन पाया था। तब से 48 साल बीत चुके हैं और भारत को हॉकी वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान तक नसीब नहीं हुआ है।

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    नवीन पटनायक भारतीय हॉकी के गौरव को वापस दिलाना चाहते है इस कारण हॉकी के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं। खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए नवीन पटनायक ने घोषणा की है कि अगर भारत हॉकी का विश्वकप जीतता है तो उड़ीसा सरकार प्रत्येक खिलाड़ी को 1 करोड़ रूपये इनाम के रूप में देगी। उम्मीद है नवीन पटनायक की मेहनत रंग लाएगी और भारतीय टीम इस विश्वकप को जीतकर हॉकी के खोए हुए सम्मान को वापस लाएगी।

    यह भी पढ़ें: Hockey World Cup मेजबान के तौर पर ऐसा रहा है भारत का प्रदर्शन, खत्म करना होगा 48 साल का इंतजार

    (इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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