कोरोना को लेकर ब्राज़ील ने की बड़ी गलती!

कोरोना वायरस को जिस भी देश ने हल्के में लिया वह अब पछताने के अलावा कुछ भी नहीं कर पा रहा है । गनीमत यही है कि भारत ने इस वायरस के खतरे को पहले ही जान लिया था और सही समय पर सटीक कदम भी उठा लिए गये और इसीलिए आज अन्य देशों के मुकाबले भारत की स्थिति बेहतर कही जा सकती है । मगर वह देश जिनकी अर्थव्यस्था बहुत बेहतर है वह इस वायरस के खतरे को जानकर भी अंजान बनते रहे और इस संक्रमण से सतर्क होने के बजाय अर्थव्यस्था पर ध्यान दिया जिसके चलते आज हज़ारों बेकसूर ज़िन्दगियाँ दुनिया दामन छोड़ कर जा चुकीं हैं और यह आकंड़ा अब और तेज़ी से बढ़ रहा है । कोरोना के प्रति लापरवाही करने में एक नया देश शामिल हो चुका है जिसका नाम है ब्राज़ील।

कोरोना को लेकर ब्राज़ील ने की बड़ी गलती!

कोरोना वायरस एक छुआछूत की बीमारी है जिसका संक्रमण बहुत तेज़ी से फैलता है । इस बात की जानकारी लगभग सभी देशों को हो गई थी मगर ब्राज़ील सरकार इस जानलेवा वायरस को मात्र एक साधारण बीमारी मान कर कोई भी सख्त कदम नहीं उठाए गये जिसका नतीजा यह है कि ब्राज़ील एक नया "कोरोना हॉटस्पॉट" बनता जा रहा है । अब तक ब्राज़ील में 65 हज़ार से अधिक मौतें हो चुकीं हैं और अब यह संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ रही है । सवाल यह उठता है कि आखिर ब्राज़ील जो कि एक विकसित देश है वह इस वायरस से लड़ने में समर्थ क्यों नहीं हो पा रहा है ? तो इसका जवाब यह है कि ब्राज़ील सरकार ने इस वायरस को बहुत ज्यादा हल्के में लिया । इसे मात्र एक साधारण फ्लू मानकर कोई भी प्रतिबन्ध नहीं लगाए गये ।

लोगों का पार्क में घूमना , सिनेमा हॉल, मॉल्स, स्कूल, कॉलेज आदि जगहों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया । लोगों की जहाँ मर्ज़ी होती वह वहाँ जाते और संक्रमण को फैलाने में सहयोग करते । ब्राज़ील सरकार ने लॉकडाउन इसलिए नहीं लगाया क्योंकि इसका असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता जो कि उसे मंज़ूर नहीं था । बस छोटी-मोटी हिदायतें दी गईं थी कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें जो कि लोग इसे नज़रअंदाज़ करते रहे । अपनी अर्थव्यस्था को बचाने के चक्कर में ब्राज़ील ने अपनी 21 करोड़ की जनता दाँव पर लगा दी और अब सवालों के घेरे में भी आ चुकी है । ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रपति को इस वायरस के बारे में सचेत भी किया था मगर राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो अपनी अर्थव्यस्था को बचाने में इतने मग्न हो चुके थे कि उनको अपने ही स्वास्थ्य मंत्री का सुझाव अच्छा नहीं लगा और नतीजा यह रहा कि उनको सीधा अपनी पार्टी से ही निकाल दिया गया ।

कोरोना को लेकर ब्राज़ील ने की बड़ी गलती !

ब्राज़ील की जनता जब सरकार से इस लापवाही का जवाब मांग रही है तो राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे का कहना है कि इसमें राष्ट्रपति कि कोई गलती नहीं है तथा इस वायरस के संक्रमण के लिए चीन ज़िम्मेदार है । अब जब चीन को इस मामले में लाया गया तो उसने भी इसका जवाब देने में देर नहीं की और ब्राज़ील सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा बोल्सोनारो परिवार ब्राज़ील की जनता के लिए ज़हर है । अमेरिका ने भी लॉकडाउन को लागू करने में देर करी थी जिसका नतीजा यह है अब कि अमेरिका पूरी दुनिया में कोरोना के सबसे अधिक मामले है । अगर ब्राज़ील ने अमेरिका की गलती से सीखा होता तो आज यह परिस्थिति यहां नहीं होती । बात करें भारत और ब्राज़ील के रिश्ते के बारे में तो दोनो देशों के बीच बेहतर रिश्ते हैं । साथ ही भारत ब्राज़ील के आर्थिक संबन्ध भी अच्छे हैं । मगर इन सबके बीच सवाल यही उठता है कि क्या ब्राज़ील सरकार के लिए जनता की जान से अधिक अर्थव्यवस्था मायने रखती है?

(इस लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता, अथवा सच्चाई के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)

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