पश्चिम बंगाल हिंसा का क्या है बांग्लादेश कनेक्शन? इस बड़ी साजिश के चलते जल उठा बंगाल
West Bengal Case: वक्फ बोर्ड (waqf board) के खिलाफ पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस हिंसा के पीछे आतंकी संगठन का हाथ होने की आशंका पहले जताई थी। वहीं अब केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा आशंका जताई गई है कि इस हिंसा के पीछे बांग्लादेश के आतंकी संगठन अंसार उल बांग्ला टीम (ABT) का हाथ हो सकता है।
जांच एजेंसी ने ऐसे सबूत खोजे हैं जिनसे पता चलता है कि रामनवमी के लिए शुरू की गई हिंसा की योजना की साजिश करीब तीन महीने पहले से ही बनाई जा रही थी लेकिन कड़ी व्यवस्था के चलते ये योजना कामयाब नहीं हुई लेकिन नए वक्फ कानून के लागू होने के बाद ये मौका मिला गया और हिंसा भड़क उठी।

सूत्रों से पता चलता है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित एबीटी के स्लीपर सेल इन घटनाओं को अंजाम देने में अहम भूमिका निभा रहे थे। इस खुलासे के बाद खास तौर पर नादिया, मालदा, उत्तर 24 परगना और कूच बिहार जैसे सीमावर्ती जिलों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर आ चुकी है।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल हिंसा को लेकर जताई चिंता
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा मुद्दे से निपटने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की है। न्यूज़18 द्वारा आयोजित राइजिंग भारत शिखर सम्मेलन में, शाह ने लगभग 250 किलोमीटर के क्षेत्र में प्राकृतिक और भौगोलिक बाधाओं के कारण सीमा पर बाड़ लगाने की चुनौतियों के बारे में बात की।
हिंसा और अशांति के पीछे विदेशी फंडिंग
जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार हिंसा की शुरुआत भारत-बांग्लादेश सीमा पर बनाई गई योजनाओं से हुई थी, जिसमें डिजिटल और फाइनेंस ट्रेल्स का खुलासा हुआ है। इस हिंसा और अशांति के पीछे विदेशी फंडिंग थी। कथित तौर पर इस फंड का इस्तेमाल भीड़ जुटाने, सोशल मीडिया के ज़रिए भड़काऊ संदेश फैलाने और योजना को अंजाम देने के लिए जमीनी स्तर पर संगठन बनाने में किया गया था।
अमित शाह ने ममता सरकार पर लगाया ये बड़ा आरोप
अमित शाह ने राज्य सरकार पर 400 किलोमीटर के सीमा क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए ज़मीन उपलब्ध कराने में विफल रहने का भी आरोप लगाया, जिससे पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के अवैध प्रवेश और बसने में मदद मिली। अमित शाह ने उत्तर 24 परगना जिले को एक ऐसे स्थान इंगित किया है ये व्यक्ति कथित तौर पर भारत का वोटर आई कार्ड प्राप्त कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने ममता सरकार की चुप्पी पर उठाया सवाल
मुर्शिदाबाद हिंसा में घायल लोगों से मिलने पहुंचे बरहामपुर से पूर्व कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा "बहुत सारे पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन पुलिस और राज्य सरकार चुप हैं। लोग जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, फिर भी राज्य सरकार कुछ नहीं कहती है।"क्या राष्ट्रपति से मंंजूरी मिलने के बाद खत्म हो सकता है वक्फ विधेयक? SC में चैलेंज किए जा चुके ये कानून












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