AAP Protest Delhi: भाजपा नेताओं को बचाने के लिए दब रहा केस", एसएस मोटा सिंह स्कूल मामले में 'आप' का बड़ा आरोप

AAP Protest Delhi: दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में राजनीति गरमा गई है। बुधवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय महिला पार्षदों के साथ उपराज्यपाल (एलजी) से मिलने राज भवन पहुंचे।

'आप' नेताओं का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद भी एलजी ने उनसे मुलाकात नहीं की। पार्टी का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और प्रशासन इसे दबाने की कोशिश कर रहा है।

AAP Protest Delhi

पुलिस पर गंभीर आरोप

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़िता के माता-पिता को ही डरा-धमका रही है। एसएचओ और डीसीपी पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ित परिवार को घंटों थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया। भारद्वाज के अनुसार, पुलिस ने केस को इतना कमजोर बनाया कि पॉक्सो एक्ट होने के बावजूद आरोपी को पांच दिन में जमानत मिल गई। आम आदमी पार्टी इन पुलिस अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।

स्कूल और भाजपा का कनेक्शन

आम आदमी पार्टी ने इस मामले में भाजपा पर सीधा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज का दावा है कि एसएस मोटा सिंह स्कूल की करोड़ों की संपत्ति में भाजपा के बड़े नेताओं ने हिस्सेदारी ली है। उन्होंने कहा कि स्कूल के ट्रस्टियों को बदलकर नए लोगों को लाया गया है, जिसकी जानकारी सरकार को है। 'आप' का आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेताओं के हित जुड़े होने के कारण ही पुलिस और प्रशासन इस मामले में ढिलाई बरत रहे हैं।

एलजी के पास क्यों गए पार्षद?

पार्षदों और पार्टी नेताओं का कहना है कि वे कोई धरना या प्रदर्शन करने नहीं, बल्कि न्याय की गुहार लगाने आए थे। उनका कहना है कि चूंकि दिल्ली की कानून व्यवस्था सीधे एलजी के अधीन आती है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे विपक्ष की बात सुनें। डॉ. शैली ओबेरॉय ने कहा कि दूर-दराज के इलाकों से महिला पार्षद सिर्फ इसलिए आईं ताकि बच्ची को इंसाफ मिल सके, लेकिन एलजी कार्यालय ने मिलने का समय तक नहीं दिया।

आम आदमी पार्टी की तीन मांगें

सौरभ भारद्वाज ने एलजी के सामने रखने के लिए तीन मुख्य मांगें गिनाई हैं। पहली, उन डीसीपी और एसएचओ पर कार्रवाई हो जिन्होंने पीड़ित परिवार को धमकाया। दूसरी, स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय की जाए और उन पर सख्त एक्शन हो। तीसरी मांग यह है कि सरकार सार्वजनिक रूप से बताए कि इस स्कूल को किन नेताओं ने खरीदा है और इसमें किसका पैसा लगा है। 'आप' ने साफ किया कि वे इस मामले को तब तक उठाएंगे जब तक इंसाफ नहीं मिलता।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने इस घटना को समाज पर एक कलंक बताया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी के एक प्राइवेट स्कूल के अंदर नर्सरी की बच्ची सुरक्षित नहीं है, यह बेहद शर्मनाक है। 'आप' नेताओं का कहना है कि जब एलजी और पुलिस कमिश्नर विपक्ष से मिलने को तैयार नहीं हैं, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? पार्टी ने मांग की है कि एलजी जल्द से जल्द समय दें ताकि दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चर्चा हो सके।

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