NEET Paper Leak: अरविंद केजरीवाल ने किया आह्वान, Gen-Z सड़कों पर उतरे, मंत्रियों को जेल भेजे
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने बुधवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं, खासकर जेन-जी, से सीधा वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पेपर लीक जैसे "घिनौने खेल" के खिलाफ सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाए।
केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां के युवा अपनी सरकारें बदल सकते हैं, तो भारत के युवा पेपर लीक कराने वाले मंत्रियों और नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकते।

BJP शासित राज्यों पर उठाए सवाल
दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में Arvind Kejriwal ने सांसद Sanjay Singh और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष Saurabh Bharadwaj के साथ कहा कि देश में ज्यादातर पेपर लीक भाजपा शासित राज्यों में हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में लगातार पेपर लीक होना महज संयोग नहीं हो सकता। केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या भाजपा नेताओं का इस पूरे नेटवर्क से सीधा संबंध है या उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
" CBI जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई"
केजरीवाल ने कहा कि हर बार पेपर लीक की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, लेकिन आज तक किसी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि हर बार कुछ लोगों की गिरफ्तारी होती है, लेकिन कुछ महीनों में वे जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर अगले साल पेपर लीक की तैयारी शुरू कर देते हैं। उन्होंने 2017, 2021, 2024 और अब 2026 के नीट पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवाओं का सीबीआई पर भरोसा खत्म होता जा रहा है।
"93 पेपर लीक से 6 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित"
Arvind Kejriwal ने दावा किया कि 2014 से अब तक देश में 93 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि नीट जैसे महत्वपूर्ण एग्जाम का बार-बार लीक होना केवल सिस्टम फेलियर नहीं, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का संकेत है। उनके अनुसार, "सिस्टम" कोई काल्पनिक चीज नहीं, बल्कि उसके पीछे बैठे लोग जिम्मेदार हैं।
युवाओं से आंदोलन की अपील
केजरीवाल ने कहा कि अगर अब भी युवा खामोश रहे तो भविष्य में हर साल पेपर लीक होंगे। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण आंदोलन करने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों को बेनकाब करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, लेकिन आम युवाओं का भविष्य इसी देश की शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर है। इसलिए युवाओं को मिलकर इस व्यवस्था को बचाना होगा।












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