Milk Price Hike: अमूल ने फिर बढ़ा दिए दूध के दाम, अब कितने में मिलेगा 1 लीटर Milk?
Milk Price Hike: देश की प्रमुख डेयरी कंपनी GCMMF और उसके ब्रांड Amul ने एक बार फिर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 14 मई से पूरे देश में लागू होंगी। कंपनी के मुताबिक, दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
अमूल ने इस फैसले के पीछे पशु आहार, पैकेजिंग और ईंधन की बढ़ती लागत को मुख्य कारण बताया है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद किसानों और डेयरियों पर आर्थिक दबाव कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

अमूल गोल्ड और ताज़ा के दाम बढ़े
नई कीमतों के अनुसार, अमूल गोल्ड (फुल क्रीम) के 500 मिलीलीटर पैकेट की कीमत अब 35 रुपये से बढ़कर 36 रुपये हो जाएगी, जबकि एक लीटर पैक 71 रुपये में मिलेगा। वहीं, अमूल ताज़ा (टोन्ड) के 500 मिलीलीटर पैकेट के लिए अब ग्राहकों को 31 रुपये चुकाने होंगे, जो पहले 30 रुपये था। हालांकि, एक लीटर अमूल ताज़ा की कीमत 59 रुपये पर बरकरार रखी गई है।
गाय और भैंस के दूध की कीमतों में भी इजाफा
अमूल गाय के दूध के 500 मिलीलीटर पैकेट की कीमत 31 रुपये से बढ़ाकर 32 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, अमूल भैंस दूध के 500 मिलीलीटर पैकेट की कीमत में भी 1 रुपये की वृद्धि की गई है। पहले यह पैकेट 38 रुपये में मिलता था, जो अब 39 रुपये तक पहुंचेगा। GCMMF ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी ताजे दूध के प्रमुख पैकेटों पर लागू होगी।
लागत बढ़ने से लिया गया फैसला
GCMMF के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि प्रति लीटर करीब 2.5 से 3.5 प्रतिशत के बराबर है। संस्था ने बताया कि बीते कुछ महीनों में पशुओं के चारे, पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे उत्पादन और वितरण लागत पर बड़ा असर पड़ा है। इसी वजह से दूध के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया।
किसानों को भी मिलेगा फायदा
अमूल ने कहा कि उसके सदस्य संघों ने किसानों को दिए जाने वाले खरीद मूल्य में 30 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी मई 2025 के मुकाबले करीब 3.7 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का दावा है कि कीमतों में यह संशोधन किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने और डेयरी सेक्टर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी था।
इससे पहले भी बढ़े थे दाम
गौरतलब है कि अमूल ने इससे पहले 1 मई 2025 को भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उस समय भी कंपनी ने बढ़ती उत्पादन लागत और किसानों को बेहतर कीमत देने की जरूरत को इसकी वजह बताया था। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी का असर आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।












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