West Bengal Railway Expansion: रेलवे विस्तार से बदलेगी बंगाल की तस्वीर, कनेक्टिविटी से रोजगार को मिलेगा बूस्ट
West Bengal Railway Expansion: पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये की बड़ी रेलवे परियोजनाएं शुरू होने जा रही हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य प्रशासन के बीच हुई हालिया उच्च-स्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के हर जिले को रेलवे के मुख्य नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि न केवल अंतर्देशीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले, बल्कि राज्य के भीतर आम नागरिकों के लिए यात्रा सुगम, सुरक्षित और अधिक त्वरित हो सके।

6 जून को नबन्ना सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना था। अक्सर देखा गया है कि रेल परियोजनाओं की गति भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण की जटिल प्रक्रियाओं के कारण धीमी पड़ जाती है।
इसे सुलझाने के लिए बैठक में जिलाधिकारियों (डीएम) को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि वे जमीन हस्तांतरण के लिए एक ठोस और पारदर्शी कैलेंडर तैयार करें। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि संबंधित जमीनों को रेलवे को समय पर सौंपा जाए, ताकि निर्माण कार्यों की गति में कोई रुकावट न आए और परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जा सकें।
केंद्र-राज्य के सहयोग पर सुवेंदु अधिकारी
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस बैठक और केंद्र-राज्य सहयोग के महत्व पर सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय अब रेल परियोजनाओं की प्रगति को नई दिशा देगा। अधिकारी के अनुसार, पहले आपसी नीतिगत मतभेदों और तालमेल की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधर में लटकी हुई थीं, लेकिन अब बेहतर संवाद से उन बाधाओं को दूर करना मुमकिन होगा। यह सहयोग न केवल मौजूदा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मददगार साबित होगा, बल्कि राज्य के समग्र विकास कार्यों को भी नई गति प्रदान करेगा।
समयबद्ध काम पूरा करने का लक्ष्य
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य प्रशासन द्वारा दिखाई गई सक्रियता का स्वागत किया। उन्होंने जोर दिया कि भारत में व्यापक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लीयरेंस और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में राज्य सरकार की निरंतर मदद और प्रशासनिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल में चल रही मौजूदा परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों में आ रही अड़चनों को दूर करने पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें रेलवे और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाने का निर्णय लिया गया।
रेलवे प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि कनेक्टिविटी के इस विस्तार से भविष्य में राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी और इसका सीधा आर्थिक लाभ पश्चिम बंगाल के यात्रियों और उद्यमियों को मिलेगा। मुख्य लक्ष्य यही है कि इन बड़े निवेशों को धरातल पर उतारकर आम जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जाए।














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