'Champat Rai के बॉयफ्रेंड होते हैं, लड़कों के बिना सोते नहीं, चोरी आकाओं के लिए', अभद्र टिप्पणी वाले महंत कौन?
Ram Mandir Donation Scam Champat Rai Boyfriend Secrets: राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे (दान) की कथित हेराफेरी और गबन मामला अब कोर्ट की दहलीज तक पहुंच चुका है। 25 जून की रात दर्ज FIR के आधार पर शुक्रवार (26 जून) को सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय का करीबी सहयोगी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल है। सभी की कोर्ट में पेशी हुई।
उधर, श्रीरामजन्म भूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया। इस विवाद के बीच गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती (दीपक त्यागी) ने चंपत राय पर अत्यंत अभद्र और व्यक्तिगत टिप्पणियां की हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। आइए जानते हैं विस्तार से...

Yati Narsinghanand on Champat Rai: चंपत राय पर यति नरसिंहानंद का बयान: क्या कहा?
यति नरसिंहानंद ने एक वीडियो बयान में चंपत राय को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय के पास 'ड्राइवर नहीं, बल्कि लाइफ पार्टनर, बॉयफ्रेंड' होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में VHP कार्यालय में रहते समय भी चंपत राय 'लड़कों के बिना नहीं सोते थे।'
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर नरसिंहानंद ने कहा कि चंपत राय चोरी 'अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी संस्था और आकाओं के लिए करते हैं।' यति ने दावा किया कि वे खुद सांस्कृतिक गौरव संस्थान में रहते हुए इन बातों के गवाह रहे हैं। आपको बता दें कि यति नरसिंहानंद के इतिहास में ऐसे विवादित बयान पहले भी सामने आ चुके हैं।
Champat Rai Jail Journey: चंपत राय कौन हैं? पत्नी नहीं, 18 माह जेल में बिताए
चंपत राय विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। 1975 के आपातकाल में RSS से जुड़ाव के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया और करीब 18 महीने जेल में रहना पड़ा। वे अविवाहित हैं और अपना जीवन राम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया।
ट्रस्ट गठन के बाद वे महासचिव बने। मंदिर निर्माण, दान प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में उनकी भूमिका केंद्रीय रही। हालिया विवाद में उनके करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (पूर्व ऑटो ड्राइवर) की गिरफ्तारी के बाद चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठे। 26 जून 2026 को चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।
Ram Mandir Donation Scam: मामला क्या है?
7 जून 2026 को अखिलेश यादव ने दान में करोड़ों की हेराफेरी का आरोप लगाया। ट्रस्ट की शिकायत पर 13 जून को SIT गठित हुई। SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें अनियमितताओं का जिक्र था। 25 जून को FIR दर्ज हुई (BNS की धारा 306, 316, 317, 61 आदि)। 26 जून को 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें टिन्नू यादव प्रमुख हैं। बरामदगी में लाखों रुपये शामिल। जांच अब सुपरवाइजर्स और उच्च स्तर तक बढ़ रही है। ट्रस्ट ने दान प्रबंधन में लूपहोल्स स्वीकार किए, लेकिन बड़े स्तर के गबन से इनकार किया। CM योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
आइए अब जानते हैं यति नरसिंहानंद के बारे में, कौन हैं और कब-कब कानूनी पचड़े में फंसे?
Who Is Yati Narsinghanand: कौन हैं यति नरसिंहानंद?
यति नरसिंहानंद सरस्वती का मूल नाम दीपक त्यागी है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के एक परिवार में हुआ। गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर से जुड़ने से पहले उन्होंने रूस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और ब्रिटेन समेत कुछ अन्य देशों में भी काम किया। भारत लौटने के बाद वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े और करीब 25 वर्षों से गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत हैं। उन्हें वर्ष 2021 में जूना अखाड़े ने महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी थी। सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान हिंदुत्व से जुड़े आयोजनों और तीखे भाषणों के कारण बनी।
Yati Narsinghanand Controversy: यति नरसिंहानंद का विवादों से पुराना नाता
महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती पिछले कुछ वर्षों से अपने विवादित और भड़काऊ बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। उनका नाम कई ऐसे मामलों में सामने आया, जिनमें धार्मिक समुदायों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां, हेट स्पीच और महिलाओं पर विवादित बयान देने के आरोप लगे। इन मामलों में उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में एफआईआर दर्ज हुईं और वे जेल भी जा चुके हैं।
किस मामले में जेल जा चुके हैं?
1. हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामला (2021-22)
हरिद्वार शहर में एक कार्यक्रम में बोलने वाले कई दक्षिणपंथी हिंदू नेताओं में से एक थे, जहां उन्होंने खुले तौर पर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया। दिसंबर 2021 में हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद के दौरान दिए गए भाषण को लेकर उन पर एक धार्मिक समुदाय के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप लगा। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जनवरी 2022 में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
2. महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी
हरिद्वार में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में महिलाओं के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में भी उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया और बाद में अदालत से जमानत मिली।
3. कुरान, मदरसों और एएमयू पर बयान
साल 2022 में अलीगढ़ के एक कार्यक्रम में कुरान, मदरसों और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) को लेकर दिए गए कथित विवादित बयानों के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
नोट- यह खबर पूरी तरह महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के बयान पर आधारित है। वनइंडिया इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।













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