West Bengal Panchayat Polls: 'संवेदनशील पोलिंग सेंटरों की जानकारी रखी गई गुप्त', हिंसा पर बीएसएफ DIG का बयान

West Bengal Panchayat Polls: बीएसएफ डीआइजी ने बयान में कहा कि उपद्रवियों को प्रोफेशनल तरीके से फोर्स ने टैकल किया। लेकिन, हमसे संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची गुप्त रखी गई है।

West Bengal Panchayat Polls: हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव शनिवार को संपन्न हुआ। अलग-अलग इलाकों में भड़की हिंसा में करीब 15 लोगों की मौत हुई है। कई जगह फोर्स को दो एयर गन से फायर करना पड़ा। वहीं, एक जगह स्टन गन से फायर की गई। मृतकों में 8 टीएमसी कार्यकर्ता, तीन CPI(M) कार्यकर्ता, कांग्रेस-बीजेपी और आईएसएफ के एक-एक कार्यकर्ता और एक निर्दलीय कैंडिडेट का पोलिंग एजेंट शामिल है। हालांकि, पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने हिंसा में 10 की मौत की पुष्टि की है।

अब 11 जुलाई को राज्य की 73,887 ग्राम पंचायत सीटों के नतीजे सामने आएंगे। वहीं, पंचायत चुनाव हिंसा पर बीएसएफ डीआइजी एसएस गुलेरिया का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि कल पंचायत चुनाव के लिए बीएसएफ, सीएपीएफ और राज्य सशस्त्र बल की टुकड़ियों को तैनात किया गया था। जिन स्थानों पर ये सैनिक तैनात थे, वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहां भी इन सैनिकों को तैनात किया गया था, वहां चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हुए।

West Bengal Panchayat Polls

'हमें नहीं दी गई थी संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची'

बीएसएफ डीआइजी एसएस गुलेरिया ने यह भी बताया कि उपद्रवियों को प्रोफेशनल तरीके से फोर्स ने टैकल किया। एक जगह दो एयर गन से फायर करना पडा। एक जगह स्टन गन से फायर किया। जिसके बाद उपद्रवी भाग खडे हुए और इलेक्शन सही तरीके से हुआ। वहीं, एक जगह बूथ कैप्चरिंग की कोशिश हुई। फोर्स ने 5 उपद्रवियों को हिरासत में लिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

हमें संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची नहीं मिली, जो बलों की तैनाती के लिए सहायक होते। हमने राज्य चुनाव आयोग को लिखा। लेकिन, संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी नहीं दी गई। 25 राज्यों के सीएपीएफ और राज्य सशस्त्र पुलिस के 59,000 सैनिकों का सुरक्षा कर्तव्यों में पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया। मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि 61636 मतदान केंद्रों में से 40834 संवेदनशील मतदान केंद्र थे।

कांग्रेस ने मौतों पर ममता सरकार को घेरा

हिंसा में हुई मृत्यु पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि शनिवार को चुनाव के दौरान यहां एक 62 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। हत्या का उद्देश्य यह था कि इन्हें मार कर 3-4 बूथ पर कब्जा किया जा सके। सीएम ममता बनर्जी अभी कहीं नहीं दिखेंगी, राज्य चुनाव आयोग कहीं नहीं दिखेंगे। बंगाल में और कितने लोग मारे जाएंगे? चुनाव से पहले-चुनाव के बाद हिंसा जारी रहती है। तृणमूल और पुलिस दोनों में कोई फर्क नहीं है, जो काम तृणमूल नहीं कर पाती है वह पुलिस कर देती। इस हत्या के खिलाफ हम सड़क और कोर्ट तक जाएंगे, हम आंदोलन करेंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+