Lok Sabha Polls: 'हो सकता है हथियार गुप्त रूप से रखे गए हों', संदेशखाली में छापेमारी को लेकर चुनाव आयोग से TMC
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख के करीबी और उनके रिश्तेदारों के यहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को छापेमारी में हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। मामले को लेकर शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी ने चुनाव आयोग में शिकायत की है।
टीएमसी का आरोप है कि छापेमारी पूरी तरह बेईमानी से की गई है। इसके पीछे पार्टी की छवि खराब करना मुख्य उद्देश्य है। पार्टी ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजनीतिक दलों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी। पार्टी ने शिकायत में आगे क्या कहा?

शिकायत में टीएमसी पार्टी ने यह भी लिखा है कि निश्चित रूप से यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि क्या ये हथियार वास्तव में तलाशी और जब्ती प्रक्रिया के दौरान बरामद किए गए थे? या उन्हें सीबीआई/एनएसजी द्वारा गुप्त रूप से रखा गया था।
आगे यह भी कहा गया है कि 'कानून और व्यवस्था' पूरी तरह से राज्य सरकार के दायरे में आने वाला एक डोमेन है, लेकिन सीबीआई ने ऐसा करने से पहले राज्य सरकार या पुलिस अधिकारियों को कोई कार्रवाई योग्य नोटिस जारी नहीं किया। इसके अलावा, राज्य पुलिस के पास एक पूरी तरह कार्यात्मक बम निरोधक दस्ता है, जो पूरे ऑपरेशन में सहायता कर सकता था, अगर सीबीआई को वास्तव में लगता कि ऐसी छापेमारी के दौरान एक बम दस्ते की आवश्यकता थी।
शेख के रिश्तेदार के घर से बरामद हथियार
आपको बता दें कि बीते दिन यानी लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के संदेशखली में निलंबित टीएमसी नेता शेख शाहजहां के एक सहयोगी के परिसर से पुलिस सर्विस रिवॉल्वर और विदेशी निर्मित हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया। यह तलाशी जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर भीड़ द्वारा किए गए हमले के सिलसिले में की गई थी, जिसे कथित तौर पर शेख ने उकसाया था।
सूत्रों के हवाले से कहा कि घर का मालिक, जिसकी पहचान अबू तालेब मोल्ला के रूप में हुई है, शेख का रिश्तेदार है, यह स्पष्ट नहीं है कि घर के अंदर इतनी बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक क्यों रखे गए थे। शेख को पश्चिम बंगाल पुलिस ने 29 फरवरी को गिरफ्तार किया था।












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