पश्चिम बंगाल: ममता और केंद्र सरकार फिर आमने-सामने, TMC ने विधानसभा में पेश किया ED-CBI के खिलाफ प्रस्ताव
कोलकाता, 17 नवंबर: केंद्र सरकार की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशकों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर लाए अध्यादेशों का अब राज्य की ओर से विरोध शुरू हो गया है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कांग्रेस ने सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। तो दूसरी पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी सरकार ने विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का सत्र जारी है। ऐसे में मंगलवार को जहां ममता सरकार ने सीमा सुरक्षा बल का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया था। वहीं अब ईडी और सीबीआई के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है, जिसके बाद से एक बार फिर ममता और केंद्र सरकार आमने-सामने आ चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए अपना पहला कदम बढ़ा दिया है। सीबीआई और ईडी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाकर अपना खुला विरोध दर्ज कराया है। टीएमसी ने केंद्र सरकार के CBI-ED के प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने अध्यादेश की खिलाफत करते हुए प्रस्ताव पेश किया है।
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों का कार्यकाल 2 साल से बढ़ाकर 5 तक का करने का फैसला किया है। इस अध्यादेश के मुताबिक पहले जहां सीबीआई और ईडी निदेशकों की नियुक्ति 2 साल के लिए की जाएगी। इसके बाद एक-एक साल करके 3 साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा। ऐसे में सरकार की ओर से एक-एक साल के लिए 3 एक्सटेंशन केंद्रीय एजेंसी प्रमुखों को दिए जा सकते हैं, ऐसे में कुल 5 साल तक कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।












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