The Kerala Story: '...तो विपक्ष को हमें दोष नहीं देना चाहिए': सुप्रीम कोर्ट से बैन हटने पर बोली TMC
द केरल स्टोरी को प्रतिबंधित करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद टीएमसी ने विपक्ष को आगाह किया है। पार्टी ने कहा है कि कुछ होता है तो विपक्ष उसे दोषी न ठहराए।

The Kerala Story politics: पश्चिम बंगाल में फिल्म 'द केरल स्टोरी' पर लगाई गई बैन को सुप्रीम कोर्ट की ओर से हटाए जाने के बाद राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि पिक्चर दिखाने की वजह से अगर कोई मुद्दा उठता है तो विपक्ष को उसे दोष नहीं देना चाहिए। गौरतलब है कि ममता बनर्जी सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है।
समुदायों के बीच तनाव की आशंका थी-टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से फिल्म 'द केरल स्टोरी 'को बंगाल में स्क्रीनिंग की मंजूरी मिलने के बाद भी कहा है कि उसकी ओर से इसपर इसलिए प्रतिबंध लगाया गया, क्योंकि इसके चलते समुदायों के बीच तनाव की आशंका थी।
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पर लगाई गई बैन पर रोक लगाई
इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग पर लगाई गई बैन के आदेश पर रोक लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से दो टूक कह दिया है कि जब सेंसर बोर्ड से फिल्म को हरी झंडी दे दी गई है तो कानून और व्यवस्था को संभालना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
राज्य सरकार इस आदेश का पालन करेगी- ममता सरकार
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीएमसी ने कहा है कि वह अदालत के आदेश का पालन करेगी, लेकिन समुदायों के बीच तनाव की वजह से उसने ऐसा फैसला लिया था। राज्य की मंत्री और टीएमसी नेता शशि पांजा ने इसपर राज्य सरकार की ओर से प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा है, 'अब सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया है। राज्य सरकार इस आदेश का पालन करेगी। विपक्ष को इसे एक जीत की तरह या राज्य सरकार की हार की तरह प्रोजेक्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।'
'कोई मुद्दा होता है तो विपक्ष को हमें दोष नहीं देना चाहिए'
वहीं टीएमसी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा है, 'सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया है, फिल्म फिर से दिखाई जाएगी। अब फिल्म की स्क्रीनिंग की वजह से कोई मुद्दा होता है, तो विपक्ष को हमें दोष नहीं देना चाहिए।'
टीएमसी की 'सांप्रदायिक राजनीति' उजागर-बीजेपी
वहीं बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का यह कहते हुए स्वागत किया है कि इससे सत्ताधारी टीएमसी की 'सांप्रदायिक राजनीति' उजागर हो गई है। वरिष्ठ बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा,'फिल्म 'द केरल स्टोरी' की स्क्रीनिंग पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बैन पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'टीएमसी सरकार ने एक खास समुदाय को संदेश देने के लिए फिल्म को बैन किया था। ऐसे फैसलों से टीएमसी समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। इससे सत्ताधारी पार्टी की सांप्रदायिक राजनीति उजागर हो गई है।'
'अल्पसंख्यकों के वोट को एकजुट करने में मदद नहीं मिलेगी'
वरिष्ठ बीजेपी नेता रुद्रनील घोष ने कहा है कि अब समय आ गया है कि टीएमसी सुप्रीम कोर्ट से सबक सीख ले। उन्होंने कहा, 'पंचायत या लोकसभा चुनावों से पहले ऐसे फैसलों से टीएमसी को अल्पसंख्यकों के वोट को एकजुट करने में मदद नहीं मिलेगी। किसी भी राज्य ने फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया और टीएमसी सरकार हमसे यह चाहती है कि मान लें कि अगर यहां दिखाई जाती है तो दिक्कत होगी। समय आ गया है कि वे सुप्रीम कोर्ट से सबक सीखें।'
फिल्म को 'मुफ्त में पब्लिसिटी' दिलाई-सीपीएम
वहीं, सीपीएम नेता तन्मय भट्टाचार्य ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया है कि बैन लगाकर उसने फिल्म को 'मुफ्त में पब्लिसिटी' दिलाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'यह केरल की लेफ्ट फ्रंट सरकार के खिलाफ एक प्रोपेगेंडा है। लेकिन, फिर भी हम किसी फिल्म को बैन करने में विश्वास नहीं करते। टीएमसी ने फिल्म को बैन किया और इसे मुफ्त की पब्लिसिटी दिलाई।'
5 अगस्त को अदा शर्मा अभिनित फिल्म सिनेमा घरों में रिलीज हुई थी। सुदिप्तो सेन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दावा किया गया है कि केरल में लड़कियों का जबरन धर्मांतरण करवाया गया और उन्हें आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल किया गया। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications