Storm: UP से Delhi तक 'कयामत' का मंजर! 117 लाशें, 330 घर तबाह, एक्सपर्ट ने बताया क्यों आ रहे आंधी-तूफान?
UP Delhi Storm Impact: उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए विनाशकारी तूफान ने पूरे राज्य में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि हर तरफ सिर्फ तबाही के निशान बाकी रह गए। इस भीषण आपदा में अब तक 117 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों घर जमींदोज हो गए। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में इस तूफान ने न केवल सड़कों पर रफ्तार थामी, बल्कि आसमान में भी हवाई सेवाओं का चक्का जाम कर दिया।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस तबाही की गंभीरता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। राज्य भर में कुल 117 लोगों की मौत हुई है। आइए जानते हैं कहां-कहां कुदरत ने सबसे ज्यादा जख्म दिए हैं?

इनमें से 113 मौतें तूफान और इमारतों के गिरने से हुईं, जबकि 4 लोगों की मौत बिजली गिरने के कारण हुई। इसके अलावा 79 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- प्रयागराज (सर्वाधिक प्रभावित): यहां सबसे ज्यादा कहर टूटा, जहां पेड़ उखड़ने, दीवारें गिरने और घरों के क्षतिग्रस्त होने से 23 लोगों की मौत हो गई।
- अन्य जिलों में मौतें: मिर्जापुर में 19, संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। रायबरेली, उन्नाव और बदायूं में भी भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।
- पशुधन और संपत्ति: तूफान ने बेजुबान जानवरों को भी नहीं बख्शा; कुल 177 पशुओं की मौत हुई है। वहीं, प्रदेश भर में 330 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चंदौली (83) और सोनभद्र (81) में घरों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।
- बरेली और प्रयागराज में हवा की गति 130 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। वहीं चंदौली में 113 किमी/घंटा, बदायूं में 109 किमी/घंटा और मिर्जापुर-रामपुर में 107 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
राहत और मुआवजे का ऐलान
राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, राज्य सरकार ने तत्काल राहत वितरण शुरू कर दिया है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। घायलों, क्षतिग्रस्त मकानों और पशु हानि के लिए भी जिला अधिकारियों के सत्यापन के बाद मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
500 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित
अचानक आए इस तूफान और खराब विजिबिलिटी के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालन पूरी तरह चरमरा गया:
- उड़ानों में देरी: लगभग 500 उड़ानों ने देरी से उड़ान भरी या लैंड किया।
- डायवर्जन: खराब मौसम के चलते 15 फ्लाइट्स को दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा।
- गो-अराउंड: लैंडिंग के समय 6 विमानों को दोबारा चक्कर (Go-Around) काटना पड़ा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
उत्तर भारत में क्यों आ रहे हैं ये आंधी-तूफान?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस भीषण मौसम के पीछे कई प्रणालियां एक साथ जिम्मेदार हैं:
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance):
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में मची तबाही का सबसे बड़ा कारण एक शक्तिशाली 'पश्चिमी विक्षोभ' है। IMD के मौसम वैज्ञानिक उमा शंकर दास ने बताया कि उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, जो जम्मू-कश्मीर और हिमालयी रास्तों से होता हुआ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पहुंच चुका है। यही सिस्टम मौसम में अचानक अस्थिरता पैदा कर रहा है।
2. चक्रवाती सर्कुलेशन का जाल (Cyclonic Circulation):
सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई चक्रवाती सिस्टम इस वक्त उत्तर भारत को घेरे हुए हैं। दक्षिण हरियाणा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर भी इसी तरह की स्थिति है। यह सिस्टम ही दिल्ली, यूपी और हरियाणा में चलने वाली विनाशकारी और तेज हवाओं को लगातार ऊर्जा दे रहा है।
3. पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन (Trough Line):
मौसम वैज्ञानिकों ने एक और महत्वपूर्ण सिस्टम की पहचान की है। दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से लेकर सीधे मणिपुर तक एक 'पूर्व-पश्चिम ट्रफ' फैली हुई है। इस ट्रफ लाइन के कारण ही उत्तर और पूर्वी भारत के वायुमंडल में भारी उथल-पुथल मची हुई है, जिससे मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है।
4. बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी:
तूफान को और अधिक हिंसक बनाने में बंगाल की खाड़ी की भी बड़ी भूमिका है। यहां बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) की वजह से वातावरण में नमी का स्तर तेजी से बढ़ा है। यही नमी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का कारण बन रही है।













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