CNG Prices Hiked: दिल्ली में अब सफर करना पड़ेगा भारी! पेट्रोल-डीजल के बाद CNG के बढ़े दाम, चेक करें नए रेट
CNG Prices Hiked In Delhi: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की घेराबंदी का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफे के बाद, अब राजधानी दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दाम में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसके चलते यह फैसला लेना पड़ा।

दिल्ली में अब क्या हैं नए दाम?
दिल्ली में CNG की कीमत 77.09 रुपये से बढ़कर अब 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। दिल्ली से पहले मुंबई में भी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कीमतों में 2 रुपये का इजाफा किया था, जिसके बाद वहां CNG की दरें 84 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
क्या अब बढ़ जाएगा किराया?
इसका सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ेगा। ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों और बसों के किराए में बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे रोजमर्रा के यात्रियों का बजट बिगड़ना तय है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
दुनिया के करीब 20% तेल और गैस व्यापार के मुख्य केंद्र 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' में जारी रुकावट की वजह से देशभर में कीमतें प्रभावित हुई हैं।
पेट्रोल के संशोधित दाम (प्रति लीटर): Revised Petrol Prices
- दिल्ली: ₹97.77 (₹3.00 की वृद्धि)
- मुंबई: ₹106.68 (₹3.14 की वृद्धि)
- कोलकाता: ₹108.74 (₹3.29 की वृद्धि)
- चेन्नई: ₹103.67 (₹2.83 की वृद्धि)
डीजल के संशोधित दाम (प्रति लीटर): Revised Diesel Prices
- दिल्ली: ₹90.67 (₹3.00 की वृद्धि)
- मुंबई: ₹93.14 (₹3.11 की वृद्धि)
- कोलकाता: ₹95.13 (₹3.11 की वृद्धि)
- चेन्नई: ₹95.25 (₹2.86 की वृद्धि)
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है, लेकिन वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचना मुश्किल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का असर कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है।
चुनावों के कारण कीमतों में देरी के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, 'पिछले 75 दिनों से युद्ध जारी है, लेकिन हमने पिछले 4 वर्षों से कीमतें नहीं बढ़ाई थीं। 2022 के बाद अब कीमतों में संशोधन किया गया है, जिसका चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है।' एक्सपर्ट का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और भी अस्थिरता देखी जा सकती है।













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