संदेशखाली हिंसा: 'महिलाओं के सम्मान में लाठी-गोली झेलने के लिए तैयार', पुलिस ने सुकांत मजूमदार को किया रिहा
West Bengal News: संदेशखाली हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बशीरहाट में धरना दिया।
सुकांत मजूमदार ने हिरासत में लिए जाने से पहले कहा कि हम पुलिस से बस इतना ही कहना चाहते हैं कि हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को रिहा कर दें, हम चले जाएंगे। हम बंगाली महिलाओं के सम्मान के लिए पुलिस की लाठियां और गोलियां झेलने के लिए तैयार हैं।

हालांकि बाद में पुलिस ने सुकांत मजूमदार समेत पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमें और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। पुलिस ने पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया है। हम पुलिस को अदालत में ले जाएंगे। उन्होंने हमारे साथ चोरों और अपराधी जैसा व्यवहार किया। पुलिस सीआरपीसी के संविधान का पालन नहीं करती, वे केवल ममता बनर्जी की बात सुनती है।
बीजेपी नेता अनिर्बान गांगुली ने कहा कि कुणाल घोष को जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे संदेशखाली गए थे या नहीं। क्यों नहीं गए? कुणाल घोष झूठ बोल रहे हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि धारा 144 नहीं लगाई जा सकती। अगर शांति है तो पथराव कौन कर रहा था।
सुकांत मजूमदार ने कहा कि संदेशखाली में टीएमसी कार्यकर्ता महीनों से महिलाओं के साथ बलात्कार कर रहे हैं। शेख शाहजहां, शिबू हाजरा और उत्तम सरदार उनके साथ बलात्कार कर रहे हैं। हम उन्हें गिरफ्तार करने की मांग के साथ शांतिपूर्वक एसपी के पास आए थे। अगर वे उन्हें संदेशखाली में गिरफ्तार नहीं करेंगे, तो कैसे क्या संदेशखाली में महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा?
यह भी पढ़ें- सुकांत मजूमदार का CAA को लेकर बड़ा बयान, बोले- लोकसभा चुनाव से पहले होगा लागू












Click it and Unblock the Notifications