West Bengal में 63 लाख लोगों के राशन कार्ड होंगे रद्द, अपात्रों पर बड़े एक्शन की तैयारी

Ration Card Verification West Bengal: पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित सरकार ने राज्य के आर्थिक ढांचे (Economic structures) को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की 'खाद्य साथी योजना' के तहत मुफ्त और सस्ते अनाज का लाभ ले रहे अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को बाहर निकालने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।

इस विशेष गहन समीक्षा (SIR) के जरिए सरकारी खजाने पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम किया जाएगा और नियमों के दायरे से बाहर के राशन कार्डों को चिह्नित कर डिलीट किया जाएगा। आइए जानतें हैं सरकार इस दिशा में क्या कदम उठा रही है।

Suvendu Adhikari

मतदाता सूची से कटे 63 लाख नामों की होगी जांच

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, विशेष गहन समीक्षा के दौरान जिन 63 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके राशन कार्डों की तुरंत पहचान कर उन्हें रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

किसके राशन कार्ड रहेंगे एक्टिव?

हालांकि, सरकार ने इसमें एक मानवीय और कानूनी पहलू को भी शामिल किया है। जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं, लेकिन उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है या ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील की है, उनके राशन कार्ड तब तक एक्टिव रहेंगे जब तक कि उनकी याचिकाओं पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

अन्नपूर्णा योजना और नया आवेदन फॉर्म

हाल ही में शुरू की गई 'अन्नपूर्णा योजना' के लिए सरकार ने एक नया आवेदन फॉर्म भी पेश किया है। सरकार को अंदेशा है कि पिछली सरकार की 'लक्ष्मी भंडार योजना' के तहत लगभग 30 लाख से अधिक अपात्र महिलाएं वित्तीय सहायता ले रही थीं। नई अन्नपूर्णा योजना के तहत राज्य सरकार लगभग दो करोड़ महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देगी। इस योजना पर राज्य सरकार को हर साल करीब 72,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसके विपरीत, पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार लक्ष्मी भंडार योजना के लिए सालाना लगभग 30,000 करोड़ रुपये खर्च करती थी।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, वर्तमान में राज्य का खजाना बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है और राजस्व को तुरंत बढ़ाना मुमकिन नहीं है, इसलिए फंड के दुरुपयोग और लीकेज को रोकना बेहद जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य साथी योजना के तहत सालाना करीब 15,000 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जिसके जरिए लगभग दो करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जाता है और किसानों से सीधे धान की खरीद की जाती है। सरकार को संदेह है कि पिछले शासन के दौरान इन योजनाओं में बड़े पैमाने पर धन का दुरुपयोग हुआ है, इसलिए सभी राशन कार्ड धारकों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

कैसे होगा फिजिकल वेरिफिकेशन?

सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पश्चिम बंगाल के सभी एसडीओ (SDO) और बीडीओ (BDO) अपने-अपने क्षेत्रों से हटाए गए मतदाताओं की सूची खाद्य विभाग के स्थानीय निरीक्षकों को सौंपेंगे। इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारी उन सभी लोगों के घरों पर जाकर जांच करेंगे जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद अपात्रों के राशन कार्ड बंद कर दिए जाएंगे। सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरी प्रक्रिया को 15 जून 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है।

Mamata Banerjee FIR: बंगाल की सत्ता से बेदखल ममता पर FIR, हिंदुओं पर बयानबाजी से डूबी लुटिया! क्या-क्या कहा?
Mamata Banerjee FIR: बंगाल की सत्ता से बेदखल ममता पर FIR, हिंदुओं पर बयानबाजी से डूबी लुटिया! क्या-क्या कहा?

TMC राज में हुए धान घोटाले की गहराई से जांच

भाजपा सरकार केवल राशन कार्डों की ही जांच नहीं करेगी, बल्कि टीएमसी शासन के दौरान हुई धान खरीद प्रक्रिया की भी गहनता से जांच करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि कागजों पर राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में औसतन 55 लाख टन से अधिक धान की खरीद दिखाई है। लेकिन शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि धान से चावल निकालने के लिए राइस मिलों में भेजा गया एक बड़ा हिस्सा कभी राज्य के पास वापस ही नहीं आया। अब इसकी जांच की जाएगी कि क्या कागजों पर दिखाया गया धान वास्तव में खरीदा भी गया था या यह सिर्फ एक कागजी घोटाला था।

अनाज वितरण का मौजूदा गणित

वर्तमान में केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बंगाल में 6.01 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज मुहैया कराती है। इसके अलावा, राज्य सरकार अपनी तरफ से अतिरिक्त दो करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देती है। नई सरकार अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दो करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों में से कितने वास्तव में वास्तविक और जरूरतमंद हैं। धान खरीद घोटाले की आधिकारिक जांच भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

बंगाल में 'खेला'! 60 विधायकों की बगावत के बाद अब ममता की 'दिल्ली टीम' खतरे में? क्या 28 सांसद भी बदलेंगे पाला
बंगाल में 'खेला'! 60 विधायकों की बगावत के बाद अब ममता की 'दिल्ली टीम' खतरे में? क्या 28 सांसद भी बदलेंगे पाला
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+