RG Kar Case Verdict: 'चिल्लाया संजय रॉय, रूद्राक्ष की माला का हवाला', कोर्ट रूम के अंदर क्या कुछ हुआ?
RG Kar Case Verdict: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में पिछले वर्ष लेडी डॉक्टर के रेप- मर्डर मामले में सियालदह कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया है। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट संय रॉय को मंगलवार को सजा सुनाएगी। मामले में अदालत की टिप्पणी के बाद बौखलाए दोषी संजय ने कोर्ट रूम के अंदर ही चिल्लाना शुरू कर दिया और खुद को निर्दोष बतान के लिए अपने पूछा पाठ और धर्म का भी सहारा लेने की कोशिश भी की।
कोलकाता के आरजी कर रेप-मर्डर मामले में सियालदह कोर्ट ने सिविक वॉलेंटियर संजय रॉय को दोषी करार दिया है। अदालत ने शनिवार को दोपहर 2:30 बजे सियालदह कोर्ट में जज अनिर्बान दास ने स्पष्ट किया कि अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर संजय रॉय दोषी पाया गया है। कोर्ट में मामले में फैसला 12 मिनट में सुनाया। अदालत ने संजय रॉय को यह भी अवगत कराया कि उसकी अधिकतम सजा मृत्युदंड हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर मामले दोषी पाए जाते ही बौखलाए दोषी संजय ने कोर्ट रूम के अंदर ही चिल्लाना शुरू कर दिया। उसने न्यायाधीश से कहा कि वह निर्दोष है। उसे फंसाया जा रहा है। संजय रॉय ने कोर्ट रूम में अपने गले में पड़ी रुद्राक्ष माला का भी जिक्र किया और कहा, "मुझे फंसाया जा रहा है, क्या रुद्राक्ष माला पहनकर मैं यह काम करूंगा?"
कोर्ट रूम में क्या-क्या हुआ?
अदालत में सुनवाई के दौरान जज ने बचाव और अभियोजन पक्ष के वकीलों के कई अहम सवाल किए।
जज का पहला सवाल यही था कि क्या आरोपी का कोर्ट के समक्ष पक्ष रखने के लिए कोई है?
इसके बाद संजय को अदालत में पेश किया। इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर और अंदर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध किए गए थे।
जज: क्या सुप्रीम कोर्ट में कोई स्थगन आदेश है?
संजय के वकील: कोई सूची नहीं।
जज के इस सवाल का जवाब आने तक संजय रॉय की कोर्ट में पेशी हो चुकी थी।
जज ने संजय रॉय से पूछा: आपके खिलाफ आरोप यह है कि आप सुबह-सुबह अस्पताल में घुसे और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर पर हमला किया, उसका गला पकड़ लिया और उसका चेहरा ढक दिया। उसके विरुद्ध यौन अपराध किया गया है। इसके कारण उसकी मृत्यु हो गई, धारा 64 और 103 आरोप-पत्र हैं। इससे साबित होता है कि आप आरोपी हैं.
जज ने कहा: आरोपपत्र में आप पर भारतीय दंड संहिता की धारा 64, 66, 103(1) के तहत आरोप लगाए गए हैं. इस धारा के तहत आरोप तय कर दिए गए हैं. जिन गवाहों से पूछताछ की गई है और सीबीआई के वकील जो दस्तावेज और जानकारी लेकर आए हैं, वे आपके अपराध को साबित करते हैं। आप दोषी पाए गए हैं।
जज: जिस तरह से आपने उसका गला घोंटकर हत्या की है, उसके लिए उसे आजीवन कारावास या मृत्युदंड भी हो सकता है।
अदालत की इस टिप्पणी के बाद संजय रॉय बौखला गया। उसने कहा, "मुझे फंसाया जा रहा है। मेरे गले में रुद्राक्ष की माला थी। लड़ाई में वो टूट सकती थी। मौके से वो क्यों नहीं मिली?"
जज: कोर्ट में आप दोषी पाए गए हैं, मैं सोमवार को इस पर निर्णय लूंगा।
संजय: मैं गरीब हूं, मैने ऐसा नहीं किया, जिन्होंने यह किया उन्हें पकड़ो...। इसके बाद भी संजय कोर्ट रूम में हाथ जोड़कर 'सर' और 'सर' चिल्लाता रहा और उसे जबरन कोर्ट से बाहर ले जाया गया.












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