रामनवमी हिंसा: बंगाल के डीजीपी को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, दो सप्ताह के भीतर मांगी रिपोर्ट
मानवाधिकार निकाय ने बंगाल के पुलिस महानिदेशक और हावड़ा के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रामनवमी के जुलूस पर बदमाशों द्वारा हमला करने की शिकायत का संज्ञान लिया है। निकाय ने बंगाल के पुलिस महानिदेशक और हावड़ा के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
मानवाधिकार निकाय ने नोटिस के तहत रिपोर्ट में दर्ज एफआईआर, जांच की स्थिति और मामले में गिरफ्तारी का विवरण मांगा है। इसके अलावा इसमें घायल लोगों की संख्या, उन्हें दिया गया उपचार और संपत्ति के नुकसान का विवरण भी मांगा है । अधिकार निकाय ने कहा कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों का भी उल्लेख करना चाहिए।
मानवाधिकार निकाय ने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा घटना को टालने की कोशिश की भी गई तो यह उचित परिश्रम करने में विफलता के बराबर है। एनएचआरसी ने बयान में कहा कि भारत का संविधान सभी व्यक्तियों को अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। राज्य जवाबदेह है, अगर इन अधिकारों को बिना ठोस कारणों के निरस्त किया जाता है।
बता दें कि हावड़ा शहर में काजीपाड़ा इलाके के आसपास रामनवमी की शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान दो समूहों के बीच गुरुवार (30 मार्च) को झड़प हो गई थी। हिंसा के दौरान कई दुकानों और ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की गई, जबकि कुछ पुलिस वाहनों सहित कई कार में आग लगा दी गई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल का इस्तेमाल किया। बता दें कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी ममता सरकार से रिपोर्ट तलब की थी।
तृणमूल कांग्रेस ने वीडियो का हवाला देते हुए भाजपा पर हिंसा को अंजाम देने का आरोप लगाया था जिसमें जाहिर तौर पर बंदूक चलाने वाले पुरुषों के एक समूह को दिखाया गया था। बंदूक और पिस्तौल के साथ रामनवमी की रैली कैसे हो रही थी? तृणमूल के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सवाल किया था।












Click it and Unblock the Notifications