कौन हैं IPS आरवी रम्या भारती, जिनकी 'मुस्कान' पर मचा है कोहराम! 24 घंटे में सुलझाया केस, फिर क्यों हुईं ट्रोल?
IPS RV Ramya Bharati: तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामले के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियोज ने एक नया बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले तमिलनाडु वेस्ट जोन की आईजी (IPS) आर. वी. रम्या भारती समेत कुछ अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आपस में बातचीत करते और हंसते हुए नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो के सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा भड़क गया और वे पीड़ित परिवार के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इसके साथ ही इस मामले में राज्य की उद्योग मंत्री एस. कीर्तन का भी एक ऐसा ही वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इसके बाद विपक्ष लगातार विजय सरकार को निशाने पर ले रही है।

कौन हैं चर्चा के केंद्र में आईं IPS आर. वी. रम्या भारती? (Who is IPS RVRamya Bharati)
वीडियो वायरल होने के बाद आईजी आर. वी. रम्या भारती अचानक चर्चा में आ गईं और लोग इंटरनेट पर उनके करियर व बैकग्राउंड के बारे में सर्च करने लगे। आर. वी. रम्या भारती तमिलनाडु कैडर की 2008 बैच की एक तेज-तर्रार और अनुभवी आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2008 को अपनी पुलिस सेवा की शुरुआत की थी।
ये भी पढ़ें: कौन हैं अरुण कुमार? IIT से ली डिग्री फिर 'मुखिया दीदी' के पति ने क्यों छोड़ी 12 साल पहले IAS रैंक की नौकरी?
उन्होंने समाजशास्त्र (Sociology) में बीए (BA) किया है और इसके साथ ही उनके पास साइबर फॉरेंसिक (Cyber Forensics) में एमएससी (MSc) की डिग्री भी है। हाल ही में 6 अप्रैल 2026 को उन्होंने तमिलनाडु के वेस्ट जोन के आईजी (IG) का कार्यभार संभाला है। उनके अधिकार क्षेत्र में कोयंबटूर, तिरुप्पुर, नीलगिरि, सलेम, इरोड, नमक्कल, धर्मपुरी और कृष्णागिरि समेत कुल आठ जिले आते हैं। इससे पहले वह चेन्नई में डीजीपी ऑफिस में भी तैनात रह चुकी हैं।
कई जिलों की कमान और केंद्र में बड़ी भूमिका
अपने करीब 17-18 साल के शानदार करियर में रम्या भारती ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। वह कोयंबटूर, मदुरै और तिरुवन्नामलाई जैसे बेहद संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा वह चेन्नई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और कोलकाता में डिप्टी कमिश्नर के पद पर भी काम कर चुकी हैं।
आर. वी. रम्या ने अपने सेवाकाल के दौरान तटीय सुरक्षा, ड्रग्स तस्करी, उग्रवाद और कट्टरपंथ जैसे गंभीर मामलों पर प्रभावी ढंग से काम किया है। चेन्नई में तैनाती के दौरान उन्होंने महिलाओं और आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए "Achchamillai" (अच्चमिल्लई) नाम से एक कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान की शुरुआत की थी, जिसकी काफी सराहना हुई थी।
रम्या भारती नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत आने वाले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के महत्वपूर्ण पद पर रह चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने देश के एयरपोर्ट्स की सुरक्षा, इंटरनेशनल एविएशन सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स और सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी संभाली और कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
क्यों शुरू हुआ आर. वी. रम्या भारती के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विवाद?
कोयंबटूर जिले के सुलूर इलाके में बीते 21 मई को एक 10 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं और करीब 250 से ज्यादा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने व तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे तमिलनाडु में भारी आक्रोश फैल गया।
इसी संवेदनशील मामले की जानकारी देने के लिए पुलिस विभाग द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से ठीक पहले का एक वीडियो लीक होकर वायरल हो गया। इस क्लिप में आईजी आर. वी. रम्या भारती, डीआईजी पी. समिनाथन और एसपी पवन कुमार रेड्डी आपस में अनौपचारिक बातचीत करते और मुस्कुराते हुए दिखे। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे एक पीड़ित परिवार के प्रति असंवेदनशील रवैया और गंभीर माहौल में लापरवाही का प्रतीक बताया।
विवाद की जद में आईं उद्योग मंत्री एस. कीर्तन
पुलिस अधिकारियों के अलावा तमिलनाडु सरकार की उद्योग मंत्री एस. कीर्तन भी इस मामले में विवादों में घिर गईं। मीडिया से बातचीत के दौरान उनके मुस्कुराने का एक वीडियो सामने आया, जिसे लेकर विपक्षी दल बीजेपी (BJP) के नेताओं ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया और इसे संवेदनशीलता की भारी कमी करार दिया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख मंत्री ने इस पर अपनी सफाई भी जारी की। उन्होंने कहा कि उनकी वह मुस्कान एक सामान्य बातचीत के दौरान की थी और उनके वीडियो को गलत संदर्भ में (Out of Context) पेश किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर बंटी आम लोगों की राय
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंटरनेट यूजर्स दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक पक्ष का साफ तौर पर मानना है कि मामला एक मासूम बच्ची की जान और अस्मत से जुड़ा था, इसलिए प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को कैमरे के सामने अधिक गंभीर और संवेदनशील दिखना चाहिए था।
वहीं, दूसरा पक्ष अधिकारियों और मंत्री के बचाव में उतरा है। उनका तर्क है कि यह बातचीत प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले की है। कुछ ही सेकंड की क्लिप को संदर्भ से पूरी तरह अलग करके मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है, जबकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को शॉर्ट नोटिस पर गिरफ्तार भी कर लिया है।
ये भी पढ़ें: Damayanti Sen: कौन हैं दमयंती सेन? ममता राज में हुईं साइडलाइन, अब शुवेंदु सरकार में करेंगी पाई-पाई का हिसाब












Click it and Unblock the Notifications