Twisha Sharma Case: क्राइम सीन रीक्रिएट, 2 घंटे समर्थ से क्रॉस क्वेशन, कौन से सबूत जब्त? बंद कमरे में क्या हुआ
Twisha Sharma Death Case: भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा (33 वर्ष) की संदिग्ध मौत का मामला दिन-प्रतिदिन पेचीदा होता जा रहा है। 12 मई 2026 की रात को ससुराल में फंदे से लटकी हालत में मिली ट्विशा की मौत को लेकर परिवार दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि ससुराल पक्ष आत्महत्या का दावा कर रहा है।
अब जांच में नई मोड़ आया है। क्राइम सीन रीक्रिएशन और मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह से लंबी पूछताछ। आइए जानते हैं क्या क्या समर्थ ने कबूला? कौन से सबूत जब्त हुए?

Twisha Sharma Crime Scene Reenactment: क्राइम सीन रीक्रिएशन, क्या हुआ बंद कमरे में?
ट्विशा मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। सोमवार (25 मई) देर शाम भोपाल पुलिस की SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) समर्थ को लेकर उसके कटारा हिल्स स्थित घर पहुंचीं। शाम करीब 8:30 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया रात 10:28 बजे तक चली, यानी लगभग 2 घंटे। टीम ने घर के अंदर बंद दरवाजों के पीछे क्राइम सीन को रीक्रिएट किया। पूरा घटनाक्रम वीडियोग्राफी किया गया। सूत्रों के मुताबिक:-
- ट्विशा का कमरा कहां था?
- घटना वाली रात समर्थ कहां थे?
- फंदा कैसे और कहां लगा?
- ट्विशा को नीचे कैसे उतारा गया?
- घर के अन्य सदस्यों की पोजीशन क्या थी?
रीक्रिएशन के दौरान समर्थ सिंह ने SIT को अपनी कहानी बताई, लेकिन पुलिस के अनुसार उन्होंने कई बार गुमराह करने की कोशिश की। समर्थ ने दावा किया कि ट्विशा गर्भपात (MTP) के बाद मानसिक रूप से परेशान थीं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे। घर पर समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने घर के कर्मचारियों को रुकने को कहा। रीक्रिएशन के बाद SIT ने समर्थ को थाने ले जाया। बाहर निकलते समय समर्थ ने मीडिया से कोई बात नहीं की।
अहम सबूतों की जब्ती
रीक्रिएशन के दौरान SIT ने कई महत्वपूर्ण चीजें जब्त कीं:
- समर्थ सिंह का लैपटॉप
- ट्विशा का लैपटॉप
- समर्थ के दो मोबाइल फोन
- पासपोर्ट और आधार कार्ड
- अन्य दस्तावेज
सवाल: घटना के 13 दिन बाद ये इलेक्ट्रॉनिक सबूत क्यों जब्त किए गए? चैट, कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन डेटा और ईमेल्स में क्या छिपा है? यह देरी जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती है।
बेल्ट का गायब होना, सबसे बड़ा सवाल
केस का सबसे विवादास्पद पहलू बेल्ट है, जिससे कथित तौर पर ट्विशा ने फांसी लगाई।
- भोपाल AIIMS के पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान बेल्ट डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराई गई।
- AIIMS दिल्ली की दूसरी पोस्टमॉर्टम टीम ने भी बेल्ट मांगी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थी।
- अब बेल्ट FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भोपाल के पास बताई जा रही है।
पुलिस ने FSL और साइबर सेल को पत्र लिखा है। लिगेचर मटेरियल (फंदे का सामान) मैच न होने से चोटों के निशानों की पुष्टि में दिक्कत हुई। गर्दन पर दो लिगेचर मार्क्स मिले थे, जो संदेह पैदा करते हैं। परिवार का आरोप है कि सबूतों से छेड़छाड़ हुई।
Twisha Sharma Death Case Timeline: घटना की टाइमलाइन
- 9 दिसंबर 2025: ट्विशा और समर्थ की शादी (नोएडा/भोपाल)।
- 12 मई 2026: रात 9:41 बजे ट्विशा ने मां से फोन पर बात की। पृष्ठभूमि में समर्थ की चीखें सुनी गईं। फोन कट गया।
- गिरीबाला सिंह ने फोन उठाकर कहा, 'वो अब दुनिया में नहीं रही' और कॉल काट दी।
- 10:20 PM: समर्थ ट्विशा को AIIMS ले गए। रात 12:05 AM को ब्रॉट डेड घोषित।
- पुलिस को सूचना में देरी, FIR 15 मई को दर्ज हुई।
- समर्थ 10 दिन फरार रहे, फिर गिरफ्तार।
Twisha Sharma Postmortem:पहले पोस्टमॉर्टम में क्या मिला?
एंटीमॉर्टम हैंगिंग।
- मौत से पहले कई ब्लंट फोर्स इंजरी (चोटें)।
- एक हफ्ते पहले MTP कराया गया था।
SIT की पूछताछ: समर्थ ने क्या कहा?
समर्थ सिंह ने SIT को बताया कि ट्विशा गर्भपात के बाद डिप्रेशन में थीं। उन्होंने दहेज या प्रताड़ना से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि उनके कुछ जवाब संतोषजनक नहीं थे। गिरीबाला सिंह से भी पूछताछ हो रही है।
CBI ने जांच अपने हाथ में ली
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने मामले की जांच संभाल ली है। एजेंसी ने नई FIR दर्ज की (RC0522026S0004, 25 मई 2026)। धाराएं: BNS 80(2), 85, 3(5) + दहेज निषेध अधिनियम। CBI टीम भोपाल पहुंच चुकी है और क्राइम सीन का जायजा ले रही है। इससे पहले SIT ने काम तेज किया। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से मीडिया में बयान न देने की अपील की है ताकि जांच प्रभावित न हो।
परिवारों के आरोप क्या हैं?
ट्विशा के परिवार का दावा है...
- शादी के बाद दहेज की मांग (विदाई पर ₹2 लाख सहित)।
- मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना।
- ट्विशा के पुराने रिलेशनशिप पर ताने।
- शरीर पर चोटें, लेकिन शुरुआती जांच में नजरअंदाज।
- गिरीबाला सिंह ने रसूख का इस्तेमाल कर जांच प्रभावित करने की कोशिश (45+ कॉल्स)।
सिंह परिवार का पक्ष:
- ट्विशा पहले से डिप्रेशन और ड्रग इश्यूज में थीं।
- गर्भपात के बाद भावनात्मक संकट।
- कोई दहेज या हिंसा नहीं।
जांच में उभरे बड़े सवाल
- बेल्ट क्यों गायब रही? दोनों पोस्टमॉर्टम टीमों तक क्यों नहीं पहुंची?
- इलेक्ट्रॉनिक सबूत 13 दिन तक क्यों नहीं जब्त किए गए?
- FIR दर्ज करने में 2 दिन की देरी क्यों?
- समर्थ 10 दिन फरार कैसे रहे?
- CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की स्थिति क्या है?
- चोटों का स्रोत क्या था - आत्महत्या या हिंसा?
- गिरीबाला सिंह की कॉल डिटेल्स में क्या खुलासा होगा?
क्यों महत्वपूर्ण है यह केस?
यह मामला सिर्फ एक परिवार की ट्रेजेडी नहीं है। यह दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में प्रभाव के इस्तेमाल जैसे बड़े मुद्दों को उजागर करता है। रिटायर्ड जज परिवार होने के बावजूद आरोप गंभीर हैं। CBI की जांच से उम्मीद है कि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सच सामने आएगा। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल सबूत और गवाह बयानों पर पूरी निर्भरता रहेगी। ट्विशा का अंतिम संस्कार हो चुका है। उनका परिवार न्याय की मांग कर रहा है। वहीं सिंह परिवार जांच का सामना कर रहा है।
बंद कमरे में 2 घंटे की रीक्रिएशन और समर्थ से क्रॉस क्वेश्चनिंग जांच की दिशा तय करेगी। बेल्ट जैसी गंभीर लैप्स जांच एजेंसियों के लिए चुनौती है। CBI अब पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल करेगी।













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