Murshidabad Row: बंगाल के राज्यपाल बोस ने खारिज की सीएम ममता की अपील, मुर्शिदाबाद के लिए हुए रवाना
Murshidabad Row: 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके कारण तीन लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा में संपत्ति का काफी नुकसान हुआ और कई लोग घायल हो गए।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस मालदा और मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील के बावजूद बोस दंगा पीड़ितों से मिलेंगे।

राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राज्यपाल वहां (मुर्शिदाबाद में) स्थिति की खुद समीक्षा करेंगे। वह हिंसा से प्रभावित लोगों से भी मिल सकते हैं।"
राहत प्रयास और अपील
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है और क्षतिग्रस्त संपत्तियों के पुनर्निर्माण की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, "हम प्रत्येक पीड़ित के परिवार को 10 लाख रुपये दे रहे हैं। जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, हम उनके घरों का पुनर्निर्माण करेंगे। जिनकी दुकानों में तोड़फोड़ की गई है, हम उनकी भी मदद करेंगे।"
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल बोस से आग्रह किया था कि 'जब तक स्थिरता बहाल नहीं हो जाती, तब तक वे अपना दौरा स्थगित कर दें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई तक मौजूदा स्थिति को बिना किसी बदलाव के बनाए रखा जाना चाहिए। मैं राज्यपाल से अपील करूंगी कि मुर्शिदाबाद जाने से पहले कुछ और दिन प्रतीक्षा करें। पहले विश्वास कायम होने दें।'
एनसीडब्ल्यू प्रमुख का दौरा
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की प्रमुख विजया रहाटकर ने कहा, "आयोग ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान 11 और 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा का पहले ही स्वतः संज्ञान ले लिया है।"
राहत शिविरों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की खबरों पर राहतकर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, "स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने जांच समिति गठित करने का फैसला किया है। हम राहत शिविरों में जाएंगे और वहां की महिलाओं से बात करेंगे।"












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