शारदा घोटाला: चार्जशीट में TMC महासचिव का नाम, केंद्र पर किया पलटवार
नई दिल्ली, 27 अगस्त: पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव तो खत्म हो गए हैं, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां वहां पर अभी भी जारी हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शारदा घोटाले में आरोप पत्र दायर किया है। जिसमें टीएमसी महासचिव कुणाल घोष को आरोपी बनाया गया। जिसके बाद से टीएमसी नेता मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। साथ ही ईडी पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। ईडी के अलावा इस मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है।

ईडी के मुताबिक उनकी ओर से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। जिसमें पश्चिम बंगाल टीएमसी महासचिव कुणाल घोष आरोपी बनाए गए हैं। इसके बाद घोष भी मीडिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जब 2013 में ये मामला उठा था, तो उन्होंने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया था। इसके अलावा उन्होंने काफी अहम सबूत भी दिए थे, लेकिन ईडी को चार्जशीट दाखिल करने में 8 साल का वक्त लग गया। वहीं केंद्र पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये सब करके मोदी सरकार मेरे ऊपर दबाव नहीं बना सकती है।
क्या था पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल की एक चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप ने लोगों को लुभावने ऑफर देकर लाखों का चूना लगाया। कंपनी का कहना था कि अगर कोई शख्स उन्हें पैसा देता है, तो वो उसे 34 गुना कर देंगे। इसके लिए लॉकिंग पीरियड 25 साल रखा गया। वहीं आलू के बिजनेस में 15 महीनों के भीतर ही रकम डबल करने का सपना भी इस ग्रुप ने दिखाया। बाद में इसके जाल में फंसकर करीब 10 लाख लोगों ने निवेश किया और आखिर में कंपनी पैसों के साथ फरार हो गई। एक अनुमान के मुताबिक इसमें करीब 40 हजार करोड़ रुपये का हेरफेर हुआ है। जिसमें बड़े कॉरपोरेट और राजनीतिक दल के नेताओं के नाम शामिल हैं। कंपनी के मालिक सुदिप्तो सेन ने भी सियासी जान पहचान के दम पर खूब पैसे कमाए।












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