पश्चिम बंगाल पर भी चक्रवात जवाद का खतरा, राज्य सरकार ने 11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
कोलकाता, दिसंबर 04। चक्रवाती तूफान जवाद का खतरा पश्चिम बंगाल पर भी बहुत अधिक मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल में अगले 2 दिन भारी बारिश हो सकती है। इस भविष्यवाणी के बाद बंगाल सरकार ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना और पूर्ब मेदिनापुर जिलों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके अलावा सरकार ने समुद्र तटों पर रिसॉर्ट में टहरे टूरिस्टों को भी समुद्र से दूर रहने के लिए कहा है। आपको बता दें चक्रवात जवाद का ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अधिक असर बताया गया है।

11 हजार लोगों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान पर
बंगाल सरकार के एक अधिकारी ने बताया है कि दक्षिण 24 परगना और पूर्ब मेदिनापुर जिलों में प्रशासन ने तटीय इलाकों से लगभग 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है, जबकि मछुआरे अपनी नाव के साथ काकद्वीप, दीघा, शंकरपुर और अन्य तटीय क्षेत्रों में लौट आए हैं।
कहां-कहां रहेगा चक्रवात जवाद का असर
मौसम विभाग के कार्यालय की ओर से बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्ब और पश्चिमी मेदिनापुर, झारग्राम, हावड़ा और हुगली में शनिवार सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है। अगले 2 दिनों में और इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। IMD की ओर से जारी एक बुलेटिन में कहा गया है, ''जवाद पिछले 6 घंटे में धीरे-धीरे 4 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की तरफ बढ़ा है और यह सुबह 5:30 बजे आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के दक्षिण-पूर्व में 230 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से, ओडिशा के गोपालपुर के दक्षिण में 340 किलोमीटर, पुरी में 410 किलोमीटर तथा पारदीप में 490 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टकराएगा।
3 राज्यों के लिए चक्रवात जवाद खतरा
आपको बता दें कि चक्रवात जवाद अगले 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई तटीय राज्यों के लिए काफी बड़ा खतरा बन सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में ना जाने का निर्देश दिया है।












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