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Varanasi News: खाद पर प्रशासन का बड़ा प्लान, खरीफ में नहीं होगी उर्वरक की किल्लत… किसानों के लिए राहत

Varanasi News: खरीफ सीजन के आगमन से पहले वाराणसी प्रशासन ने कृषि व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जिलास्तरीय बैठक में पूरे सिस्टम की समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में खरीफ 2025 की तैयारी पर चर्चा की गई। बैठक में निर्देंश दिया गया कि किसी भी किसान को उर्वरकों की कमी से जूझना न पड़े। वहीं यह भी कहा गया कि इस बार खाद वितरण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों समेत सहकारी समितियों, बैंक प्रतिनिधियों और उर्वरक वितरण से जुड़े तमाम विभागों ने भाग लिया। सीडीओ ने कहा कि विक्रय केंद्रों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड हर हाल में अपडेट रहें, जिससे किसानों को पारदर्शिता मिल सके।

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समितियों को दिए गए कड़े निर्देश

जिले की सभी सहकारी समितियों को तय रोस्टर के अनुसार खोलने और पर्याप्त उर्वरक स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। सीडीओ ने कहा कि जब तक किसी समिति में कम से कम 10 मीट्रिक टन उर्वरक न हो, तब तक नई आपूर्ति रोकी जाए।

समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे खाद की खरीद के लिए तय खाते में समय से धनराशि जमा करें। इसके लिए जिला प्रबंधक पीसीएफ और जिला सहकारी बैंक से समन्वय बनाकर आपूर्ति प्रक्रिया को समयबद्ध और सटीक बनाया जाए।

निगरानी में नहीं चलेगा कोई समझौता

सहकारी समितियों के क्षेत्रीय सहायक विकास अधिकारियों को प्रतिदिन भ्रमणशील रहने को कहा गया है। यदि किसी क्षेत्र में खाद की आपूर्ति बाधित होती है तो वे संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर तुरंत समाधान कराएं।

सीडीओ ने स्पष्ट किया कि अगर डीएपी या यूरिया जैसे प्रमुख उर्वरक किसी समिति में शून्य स्तर पर मिलते हैं और रियल टाइम डेटा अपडेट नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई तय है।

बिक्री सिर्फ POS मशीन से, टैगिंग पर पूरी रोक

बैठक में यह भी तय हुआ कि उर्वरकों की बिक्री केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाएगी और हर किसान को उसकी पक्की रसीद दी जाएगी। किसी भी स्थिति में उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग नहीं की जा सकती।

यदि किसी भी केंद्र पर टैगिंग, ओवररेटिंग या काला बाजारी की शिकायत मिलती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। सीडीओ ने यह भी निर्देश दिए कि विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों का शोषण रोका जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने पीएम प्रणाम योजना का जिक्र करते हुए किसानों से अपील की कि वे केवल आवश्यकता अनुसार ही रासायनिक खादों का प्रयोग करें। इसके साथ ही गोबर खाद, कंपोस्ट और हरी खाद जैसे जैविक विकल्पों को अपनाने की सलाह दी गई।

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