Varanasi Flood: पूर्वांचल में फिर बाढ़ का खतरा! वरुणा भी उफान पर, कब तक बढ़ता रहेगा गंगा का जलस्तर?

Varanasi flood: पूरे उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है और गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुँच गई है। खासकर काशी में गंगा के उफान ने लोगों की चिंता दोगुनी कर दी है।

राज्य के कई इलाकों में नदियाँ उफान पर हैं और पानी अब रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। घाटों से लेकर गलियों और मोहल्लों तक जलभराव है। सबसे गंभीर हालात वाराणसी, प्रयागराज और बलिया जैसे जिलों में देखने को मिल रहे हैं।

varanasi flood purvanchal flood alert varuna

सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए गए हैं, लेकिन नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। इस समय 17 ज़िले बाढ़ के साये में हैं।

17 जिले बाढ़ की गिरफ्त में

उत्तर प्रदेश के जिन जिलों पर बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है उनमें वाराणसी, प्रयागराज, बलिया, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी और चंदौली प्रमुख हैं। इन जगहों पर निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं।

सरयू और घाघरा जैसी नदियां भी उफान पर हैं। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बरसात के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ा है, जिससे तटवर्ती गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

वाराणसी में विकट हालात

वाराणसी में गंगा ने चेतावनी बिंदु को पार कर लिया है। घाट किनारे रहने वाले लोग पानी के बीच फंस गए हैं और प्रशासन उन्हें निकालने में जुटा है। कई इलाकों में घरों के भीतर पानी भरने से लोग स्कूलों और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।

मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर हालात बेहद गंभीर हैं। जलस्तर बढ़ने से यहां अंतिम संस्कार में कठिनाई हो रही है। कई जगहों पर छतों और गलियों में चिताएं जलानी पड़ रही हैं। दशाश्वमेध घाट के पास शीतला मंदिर तक पानी पहुंच गया है।

राहत कार्य और प्रशासनिक तैयारी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में पहुंचने और राहत की कमान संभालने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। अब तक लाखों लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश की 37 तहसील और 688 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब ढाई लाख लोग और 30 हजार से ज्यादा मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने बाढ़ राहत शिविर फिर से सक्रिय कर दिए हैं।

आगामी 48 घंटे काफी अहम

अनुमान है कि गंगा का जलस्तर अगले दो दिन और बढ़ सकता है। बुधवार शाम को गंगा का जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से सिर्फ 60 सेंटीमीटर नीचे है। गुरुवार रात तक यह स्तर और खतरनाक हो सकता है।

वरुणा नदी में गंगा का पलट प्रवाह आने से निचले मोहल्लों में पानी घुस चुका है। पुरानापुल और आसपास के दर्जनों घर जलमग्न हो चुके हैं। लोग रिश्तेदारों के घरों में शरण ले रहे हैं या फिर राहत शिविरों में ठहरने को मजबूर हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+