UP Electricity Plan: पूर्वांचल में 824 करोड़ की योजना से मजबूत होगा नेटवर्क, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
UP Electricity Plan: पूर्वांचल में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने 824 करोड़ रुपये का बिजनेस प्लान 2025-26 तैयार किया है। इस योजना से गर्मियों में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से निपटने का दावा किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। नए उपकेंद्र और बिजली लाइनों के साथ नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण से लेकर शहरी उपभोक्ता तक हर वर्ग को इस योजना का फायदा मिलेगा।

निगम का फोकस सिर्फ आपूर्ति बढ़ाने पर नहीं है, बल्कि सुरक्षा उपायों और तकनीकी सुधार पर भी दिया जा रहा है। लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं को बिना रुकावट और स्थायी बिजली मिल सके।
नए उपकेंद्र और लाइनें होंगी तैयार
योजना में 11 नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही 25 नई 33 केवी लाइनों का निर्माण और 34 पुरानी लाइनों का सुदृढ़ीकरण होगा। इससे बिजली का दबाव संतुलित रहेगा और दूर-दराज़ के उपभोक्ताओं तक भी समान रूप से आपूर्ति पहुंचेगी।
इसके साथ ही 52 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 158 स्थानों पर 11 केवी लाइनों को विभाजित किया जाएगा ताकि ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो सके। यह कदम खासकर उन इलाकों के लिए राहत भरा होगा जहां गर्मियों में घंटों बिजली कटौती होती है।
ट्रांसफार्मर अपग्रेड से घटेगी दिक्कतें
लगभग 7,500 वितरण ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। इससे छोटे कस्बों और गांवों में लगातार बिजली मिल सकेगी। अधिकारी मानते हैं कि इस काम से गर्मियों में ट्रांसफार्मरों के फुंकने की घटनाएं काफी हद तक कम हो जाएंगी।
योजना में सुरक्षा को भी बड़ी प्राथमिकता दी गई है। 2,100 से अधिक स्थानों पर वीसीवी और अर्थिंग के कार्य होंगे। इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित होगी और तकनीकी खराबियों से होने वाली दिक्कतें भी घटेंगी।
लो वोल्टेज की समस्या पर ध्यान
ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए कैपेसिटर से जुड़े कार्य भी योजना में शामिल हैं। इनसे लो-वोल्टेज की पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। कस्बों और गांवों में अक्सर आने वाली वोल्टेज उतार-चढ़ाव की परेशानी अब कम होगी।
करीब 50 करोड़ रुपये एलटी सुरक्षा कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इन निवेशों से नेटवर्क और मजबूत होगा तथा ट्रांसफार्मरों में आग या अचानक खराब होने जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
हाई-टेक लैब और स्टोर की सुविधा
बिजली व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-टेक लैब बनाने की तैयारी भी है। इस लैब में सामग्री की जांच और परीक्षण की आधुनिक व्यवस्था होगी, जिससे निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की गुणवत्ता परखना आसान होगा।
योजना के तहत भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए नए स्टोर विकसित किए जाएंगे ताकि आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को कब मिलेगा फायदा?
कॉर्पोरेशन का लक्ष्य है कि आगामी गर्मियों तक उपभोक्ताओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलने लगे। नई लाइनें, मजबूत ट्रांसफार्मर और हाई-टेक सुविधाएं बिजली आपूर्ति को स्थायी बनाने में मदद करेंगी। इससे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications