पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसा भी गांव, जो नहीं करेगा मतदान
सूबे में भले ही चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई हो पर वाराणसी के पिंडरा विधानसभा के सरहद गांव के लोगों ने इस बार चुनाव का बहिष्कार करने की ठानी है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को जागरुक करने के लिए चारों तरफ जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पिंडरा विधानसभा के सरहद गांव के लोग इस तरह व्यवस्था से खफा हैं कि वो इस बार विधानसभा चुनाव में वोट ही नहीं देना चाहते।

चुनाव का बहिष्कार
सूबे में भले ही चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई हो पर वाराणसी के पिंडरा विधानसभा के सरहद गांव के लोगों ने इस बार चुनाव का बहिष्कार करने की ठानी है। उनका कहना है यहां मूलभूत सुविधाएं उन्हें आज तक नहीं मिली और अब गांव के एकमात्र खेल के मैदान पर भी कब्जा हो गया है और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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क्या हैं विवाद?
गांव के प्रधान राजनाथ का कहना है कि गांव के दबंग परिवार दिनेश पटेल ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है। कई बार आला अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक किसी ने नहीं सुना।

'काम नहीं तो वोट नहीं'
'काम नहीं तो वोट नहीं' के नारे को बुलंद करते ये सरहद गांव के पुरुष-महिलाओं का कहना है कि जब चुनाव आता है तब नेता वोट मांगने और बड़े-बड़े वादों के साथ नजर आ जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई हमारी सुध नहीं लेते इसलिए इस बार हम वोट नहीं देंगे।
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गांव में न सड़क है न शौचालय
इनका कहना है कि हमारे बच्चों के एक मात्र खेल का मैदान कब्जा हो चुका है। गांव में न सड़क है न शौचालय है, ऐसे में हमें किसी से कोई उम्मीद नहीं है इसलिए जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक हम विधानसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे।












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