शीला का फॉर्मूला नरेंद्र मोदी पर अप्लाई कर रहे केजरीवाल

सबसे पहले हम आपको बता दें कि केजरीवाल के प्रचार की कमान वाराणसी में उन्हीं गोपाल मोहन ने संभाली है, जिन्होंने दिल्ली में शीला के खिलाफ प्रचार टीम का नेतृत्व किया था। केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव के दौरान कोई भी पैंतरा नहीं छोड़ा। मुसलमान के घर जाकर टोपी पहन कर इफ्तार में शामिल हुए, तो हिन्दुओं के घरों तक जाकर जयकारे लगाये। वही काम केजरीवाल वाराणसी में कर रहे हैं।
हिन्दू वोट पक्के करने थे, इसलिये गंगा नदी में डुबकी लगायी और काशी विश्वनाथ मंदिर में जाकर मत्था टेका। यही नहीं काल भैरव के मंदिर में जाकर भी अर्चना की। वहीं वाराणसी के मुसलमानों के वोट पक्के करने के लिये शाजिया इलमी अपनी टीम को लेकर वाराणसी में डेरा डाले हुए हैं। मजेदार बात यह है कि शाजिया के साथ 3 दर्जन से अधिक मुस्लिम कार्यकर्ता हैं, जो वाराणसी के मुस्लिम बहुल्य इलाकों की खाक छान रहे हैं।
वहीं वाराणसी के दलित समुदाय के वोट पक्के करने के लिये राखी बिड़ला का वाराणसी आना-जाना लगा हुआ है। वाराणसी के कुल मतदाताओं का 18 फीसदी मुसलमान वोटर हैं और उनमें से 30 फीसदी वोटर शहरी इलाकों में रहते हैं। यानी यह वो वर्ग है, जो आम आदमी पार्टी से ज्यादा प्रभावित है।
आम आदमी पार्टी के करीब 2000 वॉलेंटियर्स बाहर से वाराणसी पहुंचे हुए हैं जो करीब इतने ही स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर केजरीवाल के लिये घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं। नुक्कड़ सभायें लग रही हैं और तो और हर सिर पर आम आदमी पार्टी की टोपी पहनाने की कोशिशें तेजी से जारी हैं।












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